֍:डॉर्टीकल्चर विभाग में चल रहे ये प्रोजेक्ट§ֆ:लद्दाख के हॉर्टीकल्चर विभाग की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें बताया कई पायलट प्रोजेक्ट्सै के बारे में बताया गया है. इसमें व्यक्तिगत उद्यमियों के उद्देश्य से 6 मीट्रिक टन की क्षमता वाली प्री-कूलिंग यूनिट्स पर 75 फीसदी सब्सिडी मुहैया कराना है जिसकी राशि 18.75 लाख रुपये पर यूनिट है. इसके बाद दूसरा कार्गो या सड़क के जरिये से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बाहर फलों की फसलों की ढुलाई और परिवहन की लागत पर 75 फीसदी सब्सिडी देना है. यह सिर्फ रजिस्ट्र्ड किसानों, उद्यमियों या स्वयं सहायता समूहों के लिए उपलब्धर है. लद्दाख के बाहर ताजे फूलों की ढुलाई और परिवहन की लागत पर 75 फीसदी सब्सिडी देना. आखिर में 4. 9 मीट्रिक टन की क्षमता वाले रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट वैन/कंटेनरों पर 50 फीसदी की सब्सिडी देना और कम क्षमता के लिए आनुपातिक सब्सिडी मुहैया कराना हैं. §֍:क्या है उद्देश्य§ֆ:लद्दाक में पहाड़ी स्वायत्त विकास परिषद की तरफ से इलाके में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. इससे किसानों को भी प्रोत्साहन मिलेगा. ऐसे में इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक करार दिया गया है. राज्य कृषि विभाग की तरफ से साल 2021-23 के बीच लेह और कारगिल जिलों में एक हजार लद्दाख ग्रीनहाउस की स्थाापना की गई है. ये ग्रीनहाउस इन्हींर हॉर्टीकल्च र प्रोजेक्ट्सम का हिस्साह हैं जिनकी मदद से किसान पूरे साल नियंत्रित वातावरण में सब्जियां उगा पाते हैं. कृषि विभाग की तरफ से इस प्रोजेक्ट़ के लिए 75 फीसदी सब्सिडी मुहैया कराई जाती है. §भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हॉर्टीकल्चर को बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार काफी प्रयास कर रही हैं. इसी के चलते किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए साल 2024-25 के लिए विशेष विकास पैकेज और बागवानी के एकीकृत विकास मिशन के तहत महत्वपूर्ण सब्सिडी का फायदा उठाने का मौका प्रदान करना है. यह योजना ताजे या सूखे फलों और ताजे फूलों के व्यापार, निर्यात, आयात और खरीद में लगे व्यक्तियों और समूहों को टारगेट करना है.

