֍:क्या है योजना?§ֆ:बिहार सरकार की ओर से किसानों क तोहफा दिया जा रहा है. दरअसल, बिहार सरकार ने “विशेष उद्यानिकी फसल योजना” के तहत चाय की खेती का विस्तार करने के लिए इसकी खेती पर किसानों को करीब 4 जिलों में सब्सिडी मुहैया करा रही है. उन जिलों के इच्छुक किसान इस योजना के तहत आवेदन करके इस योजना का लाभ ले सकते हैं. §֍:इतनी मिलेगी सब्सिडी§ֆ:बिहार सरकार की ओर से किसानों को चाय की खेती के लिए 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है. इसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा चाय का खेती करने के लिए प्रति हेक्टेयर लागत 4 लाख 94 हजार रुपये इनपुट तय किया गया है. इसमें किसान को लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी यानी 2 लाख 47 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा. यह राशि किसानों को 75:25 के अनुपात में दी जाएगी. वहीं, इस योजना के तहत 150 हेक्टेयर में चाय की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. एक हेक्टेयर में चाय की खेती के लिए 15526 पौधों की जरूरत होगी. सरकार की ओर से इस योजना पर 9 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.§֍:बिहार सरकार की ओर से किसानों को चाय की खेती के लिए 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है. इसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा चाय का खेती करने के लिए प्रति हेक्टेयर लागत 4 लाख 94 हजार रुपये इनपुट तय किया गया है. इसमें किसान को लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी यानी 2 लाख 47 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा. यह राशि किसानों को 75:25 के अनुपात में दी जाएगी. वहीं, इस योजना के तहत 150 हेक्टेयर में चाय की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. एक हेक्टेयर में चाय की खेती के लिए 15526 पौधों की जरूरत होगी. सरकार की ओर से इस योजना पर 9 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.§ֆ:बिहार सरकार की चाय की खेती पर योजना में चार जिलों को शामिल किया गया है. इसमें बिहार के अररिया, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार जिले को शामिल किया गया है. इन चार जिलों के किसान इस योजना का लाभ लेकर चाय की खेती कर सकते हैं. अब तक बिहार में मूलत किशनगंज में ही चाय की खेती होती आ रही है. किशनगंज के आसपास के जिलों को भी चाय की खेती के अनुकूल पाए जाने के बाद सरकार ने ये फैसला लिया है. इस योजना से जुड़ने के लिए किसानों को ऑनलाइन प्रक्रीया द्वारा बिहार उद्यानिकी विभाग के पोर्टल horticulture.bihar.gov.in के लिंक पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इस योजना के लाभार्थी किसानों को डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि भेजी जाएगी. 13 संख्या के डीबीटी नंबर के लिए किसानों को इस लिंक https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर रजिस्ट्रेशन करना होगा.§भारत में आधे से ज्यादा लोग कृषि से जुड़े हुए हैं. देश में कई फसलों की खेती की जाती है, जिससे किसानों को काफी मुनाफा हो जाता है. लेकिन अभी भी कई किसान पारंपारिक खेती के साथ ही जुड़े हुए हैं. ऐसे में किसानों को नई फसलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए बिहार सरकार ने चाय की खेती करने पर बिहार किसानों को सब्सिडी मुहैया करान के लिए योजना शुरु की है. बता दें कि बिहार में करीब 25 हजार हेक्टेयर में चाय की खेती की जाती है.

