֍:बिहार के किसानों के लिए सरकार का बड़ा कदम §ֆ:इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार किसानों को मिट्टी की जांच कराने के लिए जागरूक कर रही है, ताकि खेतों की उर्वराशक्ति बनी रहे. इसी कड़ी में राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों के लिए निशुल्क मिट्टी की क्वालिटी जांच और मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड बनाने का लक्ष्य तय कर लिया है. किसान अपने खेतों के मिट्टी नमूनों को प्रखंड और जिला स्तर के मिट्टी परीक्षण केंद्रों पर भेज सकते हैं.§֍:तीन लाख मिट्टी नमूनों की होगी जांच§ֆ:बिहार के उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत “मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजना” के तहत बिहार में तीन लाख मिट्टी नमूनों की जांच की जाएगी. इसके बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.§आधुनिक युग में विज्ञान और तकनीक के सहारे कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है. उन्नत किस्मों के बीज, रासायनिक खाद, कीटनाशकों, आधुनिक सिंचाई प्रणालियों और मशीनों के प्रयोग से फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है. लेकिन, अधिक उत्पादन की चाह में किसान खेतों में अंधाधुंध रासायनिक खादों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे खेतों की उर्वराशक्ति कम होती जा रही है.

