केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने श्रीनगर के SKUAST-कश्मीर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY), ब्लू रेवोल्यूशन और FIDF जैसी योजनाओं ने जम्मू-कश्मीर में मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।
इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री श्री जाविद अहमद डार, पशुपालन सचिव सुश्री अल्का उपाध्याय और केंद्र व राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही घाटी के प्रगतिशील किसान भी उपस्थित रहे।
मुख्य घोषणाएं और उपलब्धियां:
???? ₹100 करोड़ की Integrated Aqua Park परियोजना: श्री सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित करने के ₹100 करोड़ के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यह पार्क प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा और यह शीतजल मत्स्य पालन के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा।
???? UHT मिल्क प्लांट का उद्घाटन: केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला ने संयुक्त रूप से जम्मू के सतवारी में 50,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले Ultra High Temperature (UHT) मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया।
???? दुग्ध उत्पादन में 47% की वृद्धि: वर्ष 2014–15 में जम्मू-कश्मीर में जहां 19.50 लाख टन दूध का उत्पादन होता था, वहीं यह आंकड़ा 2023–24 में बढ़कर 28.74 लाख टन हो गया है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता अब 413 ग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
???? ट्राउट उत्पादन में 800% वृद्धि: सरकार द्वारा डेनमार्क से 13.40 लाख जेनेटिकली सुधारित ट्राउट बीज (Eyed Ova) आयात करने से ट्राउट उत्पादन में ज़बरदस्त उछाल आया है—2020–21 में 650 मीट्रिक टन से बढ़कर 2023–24 में 2,380 मीट्रिक टन हो गया है।
???? अनंतनाग को “Cold Water Fisheries Cluster” घोषित: केंद्र सरकार ने अनंतनाग को ठंडे पानी की मछलीपालन का क्लस्टर घोषित किया है, जिसमें कुलगाम और शोपियां भागीदार ज़िले होंगे। यह क्षेत्र मछली उत्पादन की पूरी श्रृंखला को जोड़कर स्थानीय आजीविका को मज़बूती देगा।
???? ₹300 करोड़ की सहायता विशेष रूप से J&K के लिए: PMMSY के तहत कुल ₹852 करोड़ की सहायता हिमालयी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए स्वीकृत की गई है, जिसमें से ₹300 करोड़ विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लिए है।
???? निजी निवेश को बढ़ावा: ठंडे पानी की मत्स्य पालन में ₹120 करोड़ का निजी निवेश FIDF योजना के माध्यम से प्रोत्साहित किया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता के लिए पशुपालन और मत्स्य पालन को व्यापक रूप से बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस क्षेत्र में सूक्ष्म और लघु स्तर के उद्यम शुरू करें जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) जैसे संस्थानों के सहयोग से एक विस्तृत योजना तैयार की जा रही है, जो किसानों को बाज़ार से जोड़ने के साथ बुनियादी ढांचे को भी मजबूत बनाएगी।

