֍:इन जिलों में भी लागू हुई योजना§ֆ:मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस योजना को बांका, औरंगाबाद, गया, कैमूर, नवादा, जमुई, मुंगेर और रोहतास जिलों में लागू की जा रही है. इस योजना का उद्देश्य राज्य के पहाड़ी जिलों में विशेष सहायता के तहत तालाबों का निर्माण और संबंधित सहायक इकाइयों की स्थापना करके मत्स्य पालन को बढ़ावा देना है. §֍:कितनी मिलेगी रकम?§ֆ:मछली पालन योजना के तहत किसानों को तालाब निर्माण की ईकाई लागत 16.70 लाख रुपये की अनुमानित राशि पर मछुओरों को 80 फीसदी की दर से 13.36 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी. योजना में अधिकतम एक और न्यूनतम 0.4 एकड़ क्षेत्र में तालाब निर्माण के लिए अनुदान राशि दी जाएगी. योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास निजी जमीन होनी चाहिए. पट्टे की जमीन के लिए पत्र अनुबंध मूल्य एक हजार होना चाहिए. §֍:ऐसे करें आवेदन§ֆ:मत्स्यपालन की इस योजना के लिए 30 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपको मत्स्य निदेशालय, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट https://fisheries.bihar.gov.in/Accordion.aspx पर जाएं. इस योजना के लिए लाभार्थी का चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा. समिति के मंजूरी के बाद जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक द्वारा लाभार्थी के बैंक खाते में आरटीजीएस/एनईएफटी/डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा. §भारत में मछली पालन का रकबा इस साल कम देखा गया है. ऐसे में सरकार किसानों को मछली पालन के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को सब्सिडी मुहैया कराने जा रही है. इसको लेकर बिहार सरकार ने अनुदान प्रदान करने का फैसला लिया है. सरकार ने साल 2024-25 के लिए राज्य में पहाड़ी इलकों में मत्स्य पालन योजना लागू की है. इसके तहत मछुआरों को मछली पालन करने पर 80 फीसदी का अनुदान मिल रहा है. योजना को लेकर आवेदन शुरु हो गए है.

