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निर्यात पर बोले राइस विला के सीईओ
§ֆ:निर्यातकों की मानें तो सरकार का नया फैसला कृषि उद्योग के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया है. राइस विला के सीईओ सूरज अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से इस फैसले की अहमियत के बारे में विस्तासर से बात की. उन्होंसने कहा, ‘गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का भारत का साहसिक फैसला कृषि क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर है.’ §֍:एक्सिपोर्ट ड्यूटी हुई आधी §ֆ:सरकार ने चावल के निर्यात बाजार को और अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से, उबले चावल पर निर्यात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है. इस फैसले की सराहना की गई है साथ ही इसे उद्योग के लिए सकारात्मक कदम बताया गया है. §֍:7 देशों को होगा फायदा §ֆ:देश में चावल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर 20 जुलाई, 2023 से प्रतिबंध लगा दिया गया है. सरकार ने उबले चावल पर 20 फीसदी निर्यात कर अनिश्चित काल तक लागू रखने का फैसला किया है. भारत सरकार के इस फैसले से नेपाल, सेशेल्स , मलेशिया, फिलीपींस, कैमरून, कोट डी आईवरी और गिनी रिपब्लिक को फायदा होने की उम्मीेद है. §भारत सरकार ने शुक्रवार को गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध को तुरंत हटाने का ऐलान कर दिया है. इसके लिए जानकारी दी गई कि उसने यह फैसला क्योंन लिया. सरकार ने जुलाई 2023 में घरेलू चावल की आपूर्ति को सुरक्षित करने और कीमतों को स्थिर करने के लिए चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. अब इस फैसले का निर्यातकों ने स्वािगत किया है और गेम चेंजर करार दिया है.

