֍:क्या है बफर स्टॉक?§ֆ:बफर स्टॉक सरकार की ओर से रखे गए ऐसे सामानों का भंडार है, जो किसी आपातकालीन स्थिति या बाजार में मूल्य वृद्धि की स्थिति में काम आते हैं. पिछले कुछ महीनों में, बफर स्टॉक तेजी से घटने के कारण सरकार को किसानों से खरीद बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है. वर्तमान में दालों का बफर स्टॉक तय मानक से आधे से भी कम रह गया है, जिससे आपूर्ति के संकट का खतरा बढ़ सकता है.§֍:खरीफ और रबी फसल का असर§ֆ:दलहन फसलों के अच्छे उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वह किसानों से जितना हो सके, दालें खरीदेगी ताकि बफर स्टॉक को बढ़ाया जा सके. इसमें खरीफ और रबी दोनों फसलों का अहम योगदान रहेगा.
महाराष्ट्र के अकोला में, जहां तूर (अरहर) की खरीफ फसल बिक रही है, उसकी कीमत 7,525 रुपये प्रति क्विंटल है, जो कि 7,550 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के लगभग बराबर है. हालांकि, पिछले साल की तुलना में यह कीमत 28 परसेंट कम है, क्योंकि एक साल पहले यह 10,525 रुपये प्रति क्विंटल थी.
§֍:चना दाल की आवक शुरू§ֆ:वहीं, रबी की प्रमुख दाल चना की मंडियों में आवक अभी शुरू हुई है, और इसकी कीमतें 75,650 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के आसपास हैं. लेकिन अगले हफ्तों में, जब आवक अपने चरम पर होगी, तो कीमतों के एमएसपी से नीचे गिरने की आशंका है.
§भारत में पिछले दो वर्षों से दालों की मंडी कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे आ रही हैं, जिसके कारण किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार अब इस स्थिति को सुधारने के लिए बेंचमार्क दरों पर खरीद बढ़ाने के लिए तैयार है. इस कदम से किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ दालों का बफर स्टॉक भी बढ़ाया जाएगा.

