ֆ:
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिल्ली व आसपास के राज्यों के किसान, युवाओं एवं नव युवतियों को बागवानी के क्षेत्र में अपना उद्यम एवं स्वरोजगार स्थापित करने हेतु उनकी क्षमता एवं कौशल का विकास करना है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्र के अध्यक्ष डॉ. डी.के. राणा ने सभी का स्वागत करते हुए केंद्र की गतिविधियां के बारे संबोधित करते हुए बताया कि केन्द्र की यह अच्छी पहल है, जिसमें कृषि एवं बागवानी क्षेत्र से संबंधित किसान एवं कृषि श्रमिकों को उचित प्रशिक्षण प्रदान करके उनके मौजूदा कौशल को निखारना है, जिससे वह अपना व्यवसाय स्थापित करके अच्छी आय प्राप्त कर सकते है, क्योकिं दिल्ली महानगर में कुशल माली श्रमिकों की काफी मांग है।
इस प्रशिक्षण की शुरुआत 22 जुलाई से डॉ. राकेश कुमार, विशेषज्ञ (बागवानी) के संचालन में हुई, जिसमें प्रशिक्षुकों को सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक रुप से सभी तकनीकी पहलुओं जैसे उन्नत तरीके से नर्सरी उत्पादन, नये पौधो का निर्माण, नर्सरी में अलंकृत पौधे, लॉन तैयार करना, लैण्डस्कैपिंग, गमलों का मिश्रण बनाना एवं प्रबंधन, फल वृक्ष बगीचा लगाने की विधि एवं ग्राफिंटग, छत पर बागवानी आदि की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के क्रम में दिल्ली क्षेत्र में लैण्डस्कैंपिंग विशेषज्ञ श्री मुकेश गोला ने प्रशिक्षुकों ने के लिए लैण्डस्कैंपिंग, लॉन, हेज, टोपयरी, परगोला, इनडोर एवं आउटडोर पौधों की देखरेख एवं प्रबंधन आदि के बारे में विस्तृत की जानकारी देते हुए सौंदर्यीकरण हेतु पेड़ पौधो की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के क्रम में प्रशिक्षुकों को केन्द्र के विशेषज्ञों के द्वारा विभिन्न विषयों जैसे डॉ. समर पाल सिंह, विशेषज्ञ (सस्य) ने जैविक खेती के तरीकों एवं बागवानी में खरपतवार नियंत्रण करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। श्री बृजेश कुमार विशेषज्ञ (मृदा) नें सब्जियों एवं फल वृक्षों को लगाने के लिए मिट्टी एवं जल के जांच हेतु नमुने लेने की विधि के साथ पोषक तत्वों के प्रबंधन के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी से अवगत करवाया एवं श्री कैलाश, विशेषज्ञ (प्रसार) नर्सरी के स्थापना हेतु अनुदान एवं योजनाओं के जानकारी देते हुए केन्द्र के संचार माध्यम एवं डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म के बारे में जागरुक किया।
इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण में दिल्ली देहात के साथ विभिन्न राज्यों के 05 महिलाएं प्रशिक्षुओं के साथ 20 प्रशिक्षकों ने भागीदारी की।
§दिल्ली के उजवा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दरअसल कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा द्वारा ’’माली-सह-नर्सरी उत्पादक’’ दस दिवसीय उजवा, दिल्ली के द्वारा दिनांक 22 से 31 जुलाई, 2024 तक ’’माली-सह-नर्सरी उत्पादक’’ विषय पर 10 दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

