֍:क्या है उद्देश्य?§ֆ:बिहार सरकार ऊर्जा विभाग की ओर से योजना चलाई जा रही है. इसके तहत किसानों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना और खेती-किसानी के काम को सुगम बनाना है. राज्य सरकार की यह योजना किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है. इससे राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी. जो किसान अब तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, वे जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं.§֍:किसानों को मिलेगा लाभ§ֆ:राज्य सरकार ने सितंबर 2026 तक कुल 8.40 लाख कृषि बिजली कनेक्शन का लक्ष्य रखा है, जिसमें अब तक 5.81 लाख किसानों को फ्री कृषि बिजली कनेक्शन दिया जा चुका है. इसके साथ ही किसानों को मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी. इससे डीजल की तुलना में बिजली से पटवन काम अब 10 गुनी से भी अधिक सस्ती हो गई है. इसके कारण किसानों को खेती करने में काफी सहूलियत हो रही है. इसमें निम्न लाभ किसानों को मिलेंगे..§ֆ:• कृषि कार्य के लिए डेडिकेटेड फीडर बनाए जा रहे हैं.
• बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और तारों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है.
• किसानों को 6.74 रुपये प्रति यूनिट की दर में से 6.19 रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जा रही है.
• इससे किसानों को सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है.
§֍:ऐसे करें आवेदन§ֆ:• इस योजना के लिए किसान तीन तरीकों से आवेदन कर सकते हैं
• सुविधा ऐप के माध्यम से.
• वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन – (ndpdcl.co.in / sbpcl.co.in).
• स्थानीय बिजली शिविर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं.
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देशभर में गर्मी की शुरुआत होते ही जलस्तर की परेशानियां शुरु हो गई हैं. किसान सिंचाई के लिए पानी की कमी को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं. ऐसे में किसानों के साथ-साथ सरकार भी खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए हमेशा काम करती है. इसी कड़ी में बिहार सरकार ने किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए एक अहम कदम उठाया है. इसके लिए सरकार ने किसानों को सिंचाई की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए ‘मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना’ की शुरुआत की है. ये योजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. जिसमें किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाता है.

