किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें बिचौलियों पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए भारत सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को उद्योगों से सीधे जोड़ने की दिशा में कई प्रभावी पहल की हैं। इस कदम से किसानों को उचित मूल्य, बेहतर बाजार पहुंच और मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) में भागीदारी मिल रही है।
सरकार द्वारा 10,000 एफपीओ के गठन एवं संवर्धन की केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत किसानों को समूहों में संगठित किया जा रहा है ताकि वे सीधे विपणन, डिजिटल व्यापार और उद्योगों से सौदे कर सकें।
प्रमुख पहलें:
1. एफपीओ योजना और क्लस्टर आधारित संगठन (CBBOs)
- सरकार ने 10,000 एफपीओ गठन योजना के अंतर्गत क्लस्टर आधारित व्यापार संगठनों (CBBOs) को नियुक्त किया है।
- CBBOs का कार्य एफपीओ को प्रसंस्करण इकाइयों, उद्योगों, संस्थागत खरीदारों से जोड़ना है।
2. खरीदार-विक्रेता सम्मेलन (Buyer-Seller Meets)
- राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नियमित रूप से BSM (Buyer Seller Meet) आयोजित किए जा रहे हैं ताकि एफपीओ और उद्योग एक मंच पर आकर प्रत्यक्ष खरीद-बिक्री कर सकें।
3. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापार
- एफपीओ को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC), ई-नाम, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी उपज सूचीबद्ध करें।
- अब तक 9000 से अधिक एफपीओ ONDC पर और 216 एफपीओ GeM पर पंजीकृत हो चुके हैं।
4. इनपुट लाइसेंस की सुविधा
- एफपीओ को बीज, खाद, कीटनाशक आदि के लिए इनपुट लाइसेंस प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे न केवल खुद के लिए इनपुट प्राप्त कर सकें, बल्कि कृषि इनपुट उद्योगों के साथ व्यापारिक संबंध भी स्थापित कर सकें।
उद्योगों से जुड़ाव: पीछे से लेकर आगे तक की मजबूत कड़ियाँ
एफपीओ अब पिछली कड़ियों (backward linkages) के रूप में बीज व कीटनाशक आपूर्तिकर्ताओं जैसे:
- Bayer Crop Science
- Syngenta
- Godrej Agrovet
- National Seeds Corporation (NSC)
- Hindustan Insecticides Limited (HIL)
के साथ साझेदारी कर चुके हैं।
वहीं आगे की कड़ियों (forward linkages) के रूप में एफपीओ अब निम्नलिखित प्रमुख खरीदारों से जुड़े हैं:
- ITC
- Reliance
- Big Basket
- AgriBazaar
- Farmart
- Patanjali
- Mother Dairy
- NCCF
- Olam International
अब तक Small Farmers’ Agri-Business Consortium (SFAC) के तहत 171 उद्योगों/व्यवसायिक संस्थाओं ने 430 एफपीओ से अनुबंध किए हैं, जिसके अंतर्गत कच्चे माल, प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों और अन्य कृषि जिंसों की खरीद एवं इनपुट की आपूर्ति की जा रही है।

