֍:कृषि उत्पादों की पारदर्शिता पर जोर§ֆ:कृषि मंत्री ने कही कि खाद्य पदार्थों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का उल्लेख न होना ठीक बात नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि कृषि उत्पादो की क्वालिटी और उसमें मौजूद तत्वों की पूरी जानकारी पैकेट पर स्पष्ट होनी चाहिए.§֍:§ֆ:उन्होंने मेले को लेकर कहा कि अब केवल जीवन निर्वाह का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह उभरता हुआ उद्यमिता का क्षेत्र बन चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है. इसमें किसानों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 696 एफपीओ गठित हो चुके हैं. जिससे दो लाख से ज्यादा किसानों को लाभ मिल रहा है.§֍:किसानों को खाद-बीज की समस्या§ֆ:कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में 90 प्रतिशत से अधिक लघु और सीमांत छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसान हैं. इनके पास कृषि से जुड़ी आधुनिक तकनीक, क्वालिटी वाले बीज, उर्वरक, कीटनाशक और पूंजी आसानी से नहीं पहुंचती है. लेकिन एफपीओ के विस्तार से किसानों को सामूहिक रूप से संगठित होकर इन समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी. अब बिहार सरकारर का लक्ष्य है कि राज्य का कुल निर्यात देश के कुल निर्यात में 5 फीसदी योगदान तक पहुंचे. §राज्य स्तरीयय किसान उत्पादक संगठन मेले में कृषि उत्पादों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्पायरी की तारीख न लिखे होने पर राज्य कृषि मंत्री नाराज हो गए. उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी मेले में कृषि उत्पादों की पूरी जानकारी सुनिश्चित की जाए. बिहार कृषि विभाग पहली बार राज्य स्तरीय किसान उत्पादक संगठन मेला आयोजित कर अपनी सफलता पर गर्व कर रहा था, लेकिन कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने इसमें खामियां उजागर कर दीं.

