वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्वास जताया है कि भारत की अर्थव्यवस्था मौजूदा विकास दर पर आगे बढ़ती रहेगी और बेहतर मानसून की वजह से कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की आर्थिक वृद्धि दर और भी बेहतर हो सकती है। वित्त मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर तेज़ी से बढ़कर 7.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पूरे वित्त वर्ष की औसत वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही है, जो मुख्य रूप से कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन का परिणाम है। यह आंकड़े हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए गए हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रणाली पारदर्शी, डिजिटलीकृत और सुगम होती जा रही है। अब आम नागरिक भी डिजिटल माध्यम से घर बैठे अनेक आर्थिक गतिविधियों को आसानी से पूरा कर सकते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था की सशक्त और गतिशील प्रकृति स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रम-प्रधान और तकनीकी-प्रधान दोनों प्रकार की विनिर्माण इकाइयों को समर्थन देना है। हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित वस्तुओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने प्रत्येक बजट में ऐसे ठोस कदम उठाए हैं जो विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आकांक्षी जिलों‘ को केंद्र में रखकर सभी योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने की दिशा में पहल की है, उसी तरह ‘धन-धान्य कृषि योजना‘ को कृषि उत्पादन और मूल्यवर्धन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया गया है। निर्मला सीतारमण ने यह भी सुझाव दिया कि देश के 100 आकांक्षी जिलों के लिए बैंकों को विशेष योजनाएं तैयार करनी चाहिए, ताकि इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सके। रक्षा क्षेत्र पर भी टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 से ही रक्षा आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी है।
भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और भारत रक्षा क्षेत्र में एक उभरता हुआ निर्यातक भी बन चुका है। उन्होंने बताया कि घरेलू क्षमताओं की वजह से अब देश की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से की जा रही है, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है। बुलेटप्रूफ जैकेट्स से लेकर ऊँचाई वाले क्षेत्रों में समय पर सामान पहुंचाना – सरकार ने सभी पहलुओं पर ध्यान दिया है।कुल मिलाकर, वित्त मंत्री के अनुसार, भारत की विकास यात्रा न केवल तेज़ी से आगे बढ़ रही है, बल्कि कृषि, विनिर्माण, रक्षा और सेवा क्षेत्रों में भी समावेशी और संतुलित विकास के नए द्वार खोल रही है।

