• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home ब्रेकिंग न्यूज़

मछली पालन को लगेगा रफ्तार का पंख! महाराष्ट्र सरकार ने दाना खरीद के लिए जारी किए नए नियम

Fiza by Fiza
July 26, 2025
in ब्रेकिंग न्यूज़
0
मछली पालन को लगेगा रफ्तार का पंख! महाराष्ट्र सरकार ने दाना खरीद के लिए जारी किए नए नियम
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

महाराष्ट्र सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और दूरदर्शी फैसला लिया है। अब राज्य में चलने वाली सभी सरकारी सब्सिडी वाली मछली पालन परियोजनाओं को मछलियों के दाने यानी फीड की खरीद सिर्फ राज्य-पंजीकृत या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निर्माताओं से ही करनी होगी। इस फैसले की जानकारी राज्य के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार को दी।

मंत्री राणे ने बताया कि इस पहल का मकसद राज्य के भीतर मछली फीड के उत्पादन को प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण फीड की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वर्तमान में अधिकांश मछली फीड बाहर से आयात किया जाता है, जिससे लागत बढ़ती है और गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं।

स्थानीय उत्पादकों को मिलेगा बड़ा फायदा

नए नियमों से राज्य के छोटे और मझोले फीड निर्माताओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अब सरकार केवल उन्हीं आपूर्तिकर्ताओं से फीड खरीदेगी, जिनके उत्पाद ISI, BIS या FSSAI जैसे मानकों पर खरे उतरते हैं। फीड के पैकेजिंग पर पोषण संबंधी जानकारी, निर्माण और समाप्ति तिथि का साफ उल्लेख अनिवार्य होगा।

फीड की गुणवत्ता रहेगी प्राथमिकता

नितेश राणे ने बताया कि राज्य में केज कल्चर, बायोफ्लोक, RAS और नर्सरी तालाब जैसी कई आधुनिक मछली पालन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता वाले मछली आहार की जरूरत होती है, जिसे अब स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही होगी सुनिश्चित

आपूर्तिकर्ताओं को GST पंजीकरण, वैध टैक्स चालान और स्वच्छ, वायुरोधी पैकेजिंग के साथ फीड की आपूर्ति करनी होगी। इसके अलावा किसानों और मछुआरों की शिकायतों का भी त्वरित समाधान किया जाएगा।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह पहल राज्य को “आत्मनिर्भर मत्स्य पालक” की दिशा में ले जाएगी और पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ मछली पालन को बढ़ावा देगी।

Previous Post

किसानों के अधिकार: जानिए वो हक जो आपके हाथ में हैं!

Next Post

राज्यों द्वारा फसल बीमा भुगतान 5 वर्षों में 6450 करोड़ रुपये के पार

Next Post
राज्यों द्वारा फसल बीमा भुगतान 5 वर्षों में 6450 करोड़ रुपये के पार

राज्यों द्वारा फसल बीमा भुगतान 5 वर्षों में 6450 करोड़ रुपये के पार

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.