֍:§ֆ:”तल्लिकी वंदनम” योजना के अंतर्गत इंटरमीडिएट स्तर तक के स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए हर साल 15,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है. तल्लिकी वंदनम योजना 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान टीडीपी की ओर से किए गए छह वादों में से एक है. §֍:किसानों के लिए बड़ा ऐलान§ֆ:प्रदेश के वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने 3.22 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए अनुसूचित जाति (SC) के लिए 20,281 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 8,159 करोड़ रुपये, पिछड़ा वर्ग (BC) के लिए 47,456 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए 5,434 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. वित्त मंत्री केशव ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि सरकार शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 15,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए तल्लिकी वंदनम योजना शुरू कर रही है. यह योजना सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में क्लास 1 से 12 तक के बच्चों को कवर करेगी.”§֍:मछुआरों के लिए ये घोषणा§ֆ:मंत्री केशव ने मछली पकड़ने पर प्रतिबंध वाले दिनों के दौरान मछुआरों के लिए वित्तीय राहत को दोगुना करके 20,000 रुपये करने की भी घोषणा की. साथ ही कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में प्रति परिवार 25 लाख रुपये का बीमा-आधारित स्वास्थ्य कवरेज लागू करने की योजना बना रही है. बजट के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा में आंध्र प्रदेश की बड़ी भूमिका को देखते हुए सरकार ने कृषि क्षेत्र को 48,341 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसके अतिरिक्त, जल संसाधन क्षेत्र के लिए 18,019 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं. प्रमुख आवंटनों में शिक्षा के लिए 34,311 करोड़, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 20,218 करोड़, अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 8,159 करोड़ और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 5,434 करोड़ रुपये शामिल हैं.§ֆ:सीएम नायडू ने कहा कि चुनावी वादों को पूरा करते हुए बजट में सुपर सिक्स योजनाओं के लिए बड़ा आवंटन किया गया है. ‘अन्नदाता सुखीभवः’ योजना के लिए 6,300 करोड़ रुपये और ‘तल्लिकी वंदनम’ योजना के लिए 9,407 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.§आंध्र प्रदेश की तेलुगू देशम पार्टी सरकार ने शुक्रवार को अपना बजट पेश किया है. इसमें वेलफेयर स्कीम को प्राथमिकता दी गई. इसमें सबसे खास ऐलान किसानों के लिए है. सरकार ने राज्य के सभी किसानों को साल में 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. मछुआरों की भी वित्तीय सहायता को दोगुना किया गया है. साथ ही मछली बैन होने के समय के दौरान मछुआरों को सरकार की ओर से दोगुनी आर्थिक सहायता देगी.

