֍:सरकार से नहीं मिल रहा समाधान§ֆ:जिले में किसानों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. वे मजबूर होकर खेत की रखवाली कर रहे हैं. फरीदाबाद जिले के दयालपुर गांव के एक किसान का कहना है कि वे अपनी फसलों की रक्षा के लिए खेतों में या तो परिवार के सदस्यों को तैनात किया है. वहीं, किसानों ने इस आवश्कता पर जोर देते हुए कहा कि इस मुद्दे के महत्व के बावजाद आवारा जानवरों द्वारा किए गए नुकसान को दूर करने के लिए कोई समाधान नहीं किया गया है.§֍:बाड़ लगाने के लिए सब्सिडी की मांग§ֆ:जिला विकास और पंचायत अधिकारी कैप्टन प्रदीप कुमार ने बताया कि आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजा जा सकता है. मगर कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि कोई भी समाधान राज्य स्तरीय नीति पर निर्भर करता है. चूंकि किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए बढ़ती लागत का सामना कर रहे हैं, इसलिए वे इस ज्वलंत मुद्दे के समाधान के लिए सरकार से हस्तक्षेप और वित्तीय सहायता की मांग कर रहे हैं.§किसानों को खेती में काफी समस्याओं से गुजरना होता है. अगर मेहनत से उगाई फसल को जंगली जानवर खा लें तो इससे बड़ा नुकसान होता है. ऐसे ही हालत हरियाणा के फरीदाबाद जिले के किसानों के हैं, जो अवारा पशुओं के कहरसे परेशान हैं. इस मुद्दे को लेकर किसान और संयुक्त किसान मोर्चा जैसे संगठन अब सरकार से विशेष सब्सिडी की मांग कर रहे हैं.

