֍:इन मांगों के लिए आंदोलन§ֆ:1. सभी फसलों पर MSP खरीद के गारंटी कानून बने और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार दाम रखें जाएं.
2. भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पूरे देश में लागू किया जाए.
3. कलेक्टर रेट से 4 गुणा मुआवज़ा देने के प्रावधान लागू हों.
4. लखीमपुर खीरी मामले में दोषियों को सजा और पीड़ित किसानों को न्याय मिले.
5. किसानों और मजदूरों की कर्जमुक्ति की जाए.
6. भारत विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यूटीओ से बाहर आए और सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए.
7. किसानों और खेत मजदूरों को पेंशन दी जाए.
8. दिल्ली आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को मुआवजा और परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी दी जाए.
9. विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए.
10.जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित करके कंपनियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की लूट बंद की जाए.
11. मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये मजदूरी हो. साथ ही मनरेगा को खेती के साथ जोड़ा जाए.
12. नकली बीज, कीटनाशक दवाइयां और खाद बनाने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो. वहीं, मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाए.
§शंभू बॉर्डर पर किसान दिल्ली कूच करने के लिए इक्ट्ठा हुए. लेकिन अभी वे आगे नहीं बढ़ पाएं हैं. क्योंकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया है. पुलिस लगातार किसानों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है. किसान झंडे और बैनरों के साथ अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच की तैयारी में हैं. आज पहले दिन 101 किसानों का जत्था दिल्ली मार्च पर निकलने वाला है. इस जत्थे में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर नहीं हैं. किसानों ने सरकार से बातचीत का प्रस्ताव रखा है.

