• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

किसानों को लैंडस्केपिंग के लिए सजावटी पौधों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया

Fiza by Fiza
July 22, 2025
in कृषि समाचार
0
किसानों को लैंडस्केपिंग के लिए सजावटी पौधों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के स्किल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा “लैंडस्केपिंग के लिए सजावटी पौधों के उपयोग” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 29 किसानों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों और उद्यान प्रेमियों को सजावटी पौधों के महत्व और उनके विविध उपयोगों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एसोसिएट डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट) डॉ. रूपिंदर कौर ने कहा, “सजावटी पौधे केवल सौंदर्यवर्धन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पर्यावरण को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। लोगों को इनके सही उपयोग और देखभाल के बारे में जानकारी देना समय की आवश्यकता है।”

कोर्स समन्वयक डॉ. कुलवीर कौर ने बताया कि आजकल घर, छत, खेत और आसपास के क्षेत्रों में सजावटी पौधों का उपयोग लैंडस्केपिंग के लिए तेजी से बढ़ रहा है। इससे न केवल सुंदरता बढ़ती है, बल्कि मानसिक शांति और वातावरण में भी सुधार आता है।

फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग विभाग के प्रमुख डॉ. परविंदर सिंह ने कहा कि PAU का बागवानी से संबंधित यह प्रशिक्षण कोर्स फूलों और बागवानी प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और बेरोजगार युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने कहा कि बागवानी एक ऐसा क्षेत्र है जो सौंदर्य, स्वास्थ्य और रोजगार — तीनों का संगम प्रस्तुत करता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. सिमरत सिंह, डॉ. आर.के. दुबे, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. तान्या ठाकुर, डॉ. मधु बाला, डॉ. शालिनी झांझी और डॉ. अमन शर्मा ने विषय विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया और प्रतिभागियों को सजावटी पौधों की किस्में, उनकी देखभाल, सही स्थान चयन, और रोग नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम का समापन डॉ. लवलीश गर्ग (एक्सटेंशन साइंटिस्ट) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने प्रतिभागियों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत किसानों और आम नागरिकों को स्वच्छ, सुंदर और हरित परिवेश की ओर प्रेरित किया जा रहा है। PAU का मानना है कि सजावटी पौधों के माध्यम से न केवल वातावरण सुंदर बनाया जा सकता है, बल्कि यह एक स्थायी आजीविका का माध्यम भी बन सकता है।

 

Previous Post

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को दी चेतावनी, धान की बौनी बीमारी को लेकर रहें सतर्क

Next Post

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के दो शोधार्थियों को CSIR की डायरेक्ट SRF फेलोशिप

Next Post
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के दो शोधार्थियों को CSIR की डायरेक्ट SRF फेलोशिप

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के दो शोधार्थियों को CSIR की डायरेक्ट SRF फेलोशिप

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.