֍:प्राकृतिक खेती बोर्ड की स्थापना§ֆ:मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एंव कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण मिशन के तहत किसानों की आय में बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने आगे कहा कि यह मिशन कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने का प्रमुख माध्यम बनेगा. किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग की ओर से प्राकृतिक खेती के प्रसार एंव किसानों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड का गठन किया गया है.§֍:किसानों ने बताया रुझान§ֆ:मध्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती बोर्ड का गठन किया है. बोर्ड किसानों को प्राकृतिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है. प्राकृतिक खेती के इच्छुक राज्य के किसानों के पंजीयन के लिए पोर्टल प्रारंभ रिया है. पोर्टल पर प्राकृतिक खेती करने के इच्छुक किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इसमें नए किसानों की संख्या कुल 72 हजार 967 है.§֍:प्राकृतिक खेती- ट्रेनिंग और सब्सिडी§ֆ:प्राकृतिक खेती बोर्ड की ओर से किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए ट्रेनिंग दी जा रही ह. इसमें बीज खरीद के साथ कृषि उपकरणों की खरीद पर किसानों को सब्सिडी दी जा रही है. वहीं, उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजा कनेक्टिविटी बढ़ने पर भी जोर दिया जा रहा है. वहीं, केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती प्रबंधन एंव ज्ञान पोर्टल के जरिए किसानों को नेचुरल फार्मिंग के प्रति जागरुक भी किया जा रहा है. प्राकृतिक खेती एक ऐसी विधि है जो टिकाऊ और पारंपरिक पद्धति को मॉर्डन तरीके से अपनाने पर जार देती है.§केंद्र सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसान कल्याण मिशन शुरु किया है. इसके तहत किसानों क प्राकृतिक और जैविक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. राज्य सरकारें किसानों को सब्सिडी पर बीज और उपकरण उलब्ध करा रही हैं. इसका उद्देश्य किसानों का प्राकृतिक खेती की ओर रुझान को बढ़ावना है. राज्य सरकार के अनुसार 72 हजार से अधिक नए किसानों ने प्राकृतिक खेती करने की इच्छा जताई है.

