देशभर के किसान संगठनों के नेता और किसान आज नई दिल्ली स्थित पूसा कैंपस के सुभ्रमण्यम हॉल में एकत्र हुए और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व की सराहना की। इस मौके पर किसानों ने सरकार के उस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया, जिसमें विदेशी दबाव के बावजूद भारत ने कृषि हितों से जुड़े समझौतों में किसी तरह का समझौता न करने का ऐलान किया।
बैठक में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित विभिन्न राज्यों के किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रधानमंत्री के दूरदर्शी और किसान हितैषी दृष्टिकोण का समर्थन किया।
भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि श्री हरपाल सिंह दागर, श्री धर्मेंद्र मलिक, श्री धर्मेंद्र चौधरी, श्री वीरेंद्र लोहान, श्री किरपा सिंह नट्टूवाला, श्री कुलदीप सिंह बाजिदपुर, श्री बाबा राजेंद्र सिंह मलिक, श्री तरूणेश शर्मा, श्री के.पी. सिंह थैनुआ, श्री आचार्य रामगोपाल वालिया, श्री विनोद आनंद, श्री राजकुमार बलियान, श्री अशोक बलियान, श्री विपिचंद्र आर. पटेल, श्री रामपाल जाट, श्री कृष्णवीर चौधरी, श्री भूपेंद्र सिंह मान और श्री के. साई रेड्डी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
भारतीय किसान चौधरी चरण सिंह संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हित में स्पष्ट और अटल संदेश दिया है कि भारत उनके हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। यह निर्णय आत्मनिर्भर कृषि और ग्रामीण भारत को और सशक्त बनाएगा।”
छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ के वीरेंद्र लोहान ने कहा, “अमेरिकी कंपनियों को कृषि और डेयरी सेक्टर में प्रवेश न देने का साहसिक निर्णय हर खेत और हर गोशाला में चर्चा का विषय है। आपने साबित कर दिया कि भारतीय किसान देश की आत्मा है और इस आत्मा को कोई विदेशी ताकत गुलाम नहीं बना सकती।”
धर्मेंद्र मलिक ने प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री को धन्यवाद देते हुए अपील की कि “आप अपनी नीतियों पर अडिग रहें, हम हमेशा आपके साथ खड़े हैं।”
पंजाब के किसान नेता किरपा सिंह नट्टूवाला ने कहा, “अगर यह समझौता हो जाता तो किसानों की स्थिति बिगड़ जाती, लेकिन प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री ने किसानों के हित में कड़ा फैसला लिया, जिससे किसानों का गौरव बढ़ा है।”
कुलदीप सिंह बाजिदपुर ने कहा कि सरकार किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और उम्मीद है कि आगे और मजबूत फैसले होंगे, जिससे किसानों को विदेशों की ओर नहीं देखना पड़ेगा।
अपने संबोधन में कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “अन्न जीवन है, अन्न ईश्वर है। किसान अन्नदाता ही नहीं, जीवनदाता भी है। किसानों की सेवा करना मेरे लिए भगवान की पूजा के समान है।” उन्होंने घोषणा की कि नकली खाद और रसायन बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानून जल्द लाया जाएगा और किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को राजस्थान के झुंझुनूं जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को डिजिटल माध्यम से बीमा राशि का भुगतान किया गया है। साथ ही, पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि रद्द करने के प्रधानमंत्री के निर्णय को ऐतिहासिक बताया।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा मजबूत, साहसिक और राष्ट्रहित में निर्णय लेते हैं, जिसके लिए पूरा देश उनका आभारी है।

