֍:न्यूज रिपोर्ट में दी गई जानकारी§ֆ:द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार अनाज मंडियों में बिना बिके धान का ढेर लगा हुआ है. इससे किसानों की निराशा और बढ़ गई है. नीलोखेड़ी और इंद्री अनाज मंडियों में किसानों ने जगह की कमी को लेकर गुस्सा जताया, जिसके कारण उन्हें अपनी उपज सड़कों के किनारे फेंकनी पड़ रही है. नेशनल हाईवे-44 पर करनाल अनाज मंडी के बाहर जगह की कमी से परेशान किसान अपने धान से लदे ट्रेक्टर और ट्रॉलियों के साथ लंबी कतारों में इंतजार करते देखे गए. उन्होंने भीड़भाड़ के लिए उठाव की धीमी गति को जिम्मेदार ठहराया.§֍:जानें कितनी हुई धान की खरीद§ֆ:13 अक्टूबर को जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया कि जिले की कई अनाज मंडियों में 2,75,499 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के विभाग ने 1,78,708 मीट्रिक टन, हैफेड ने 60,061 मीट्रिक टन और हरियाणा राज्य भंडारण निगम ने 36,730 मीट्रिक टन धान खरीदा है. हालांकि, इन एजेंसियों द्वारा केवल 1,02,353 क्विंटल का ही उठाव किया गया है. किसानों ने अधिकारियों से इन मुद्दों को हल करने का आग्रह किया है, ताकि आगे और देरी न हो.§हरियाणा के करनाल में खरीदे गए धान के उठान में धीमी गति को लेकर किसानों में परेशानी देखने मिल रही है. इससे धान उठान में देरी की वजह से कई अनाज मंडियों में अव्यवस्था फैल गई है. इससे किसानों को अपना धान सड़कों पर उतारना पड़ रहा है. मंडियों के बाहर सड़कों पर धान से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गई हैं. अव्यवस्था को लेकर किसानों में काफी गुस्सा है.

