प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 20वीं किस्त के वितरण के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-VPKAS), अल्मोड़ा में एक विशेष एवं भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भाकृअनुप गीत के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा वर्चुअली जुड़े। वहीं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर अल्मोड़ा नगर निगम के महापौर श्री अजय वर्मा तथा मुख्य अतिथि के प्रतिनिधि श्री कैलाश गुरुरानी उपस्थित रहे।
अपने संदेश में श्री अजय टम्टा ने संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि वीपीकेएएस लगातार किसानों की प्रगति में सहायक रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से उत्तराखंड के करीब 8.19 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं और करीब 182 करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके खातों में ट्रांसफर की गई है, जिनमें 2.5 लाख महिला कृषक भी शामिल हैं। उन्होंने इसे देश के अन्नदाताओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
मुख्य अतिथि के प्रतिनिधि श्री कैलाश गुरुरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा दी जा रही यह सहायता देश के अंतिम छोर के किसानों तक पहुँच रही है और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम की प्रस्तावना संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने दी। उन्होंने पीएम-किसान योजना की उपयोगिता और किसानों को मिलने वाले वित्तीय लाभ की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जुड़ने का आह्वान किया। साथ ही संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही तकनीकी सहायता, नवाचारों एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षणों की भी जानकारी साझा की।
इस अवसर पर एक कृषक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें वीपीकेएएस के वैज्ञानिकों द्वारा खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती, मृदा परीक्षण, जैविक उर्वरक के प्रयोग, और कृषि यंत्रीकरण पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ 177 प्रगतिशील किसान (जिसमें 45 महिलाएं और 132 पुरुष शामिल थे) भी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की उपयोगिता और वैज्ञानिक जानकारी को प्रायोगिक खेती में अपनाने का संकल्प लिया।

