֍:किसानों को मिलेगा खर्च§ֆ:टमाटर किसानों का नुकसान देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि वह सहकारी एनसीसीएफ के माध्यम से बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत मध्य प्रदेश में टमाटर के भंडारण और परिवहन लागत की आपूर्ति करेगा. इसका मतलब यह है कि किसानों को टमाटर स्टोर करने और ट्रांसपोर्ट करने में लगने वाला खर्च उन्हें सरकार की ओर से दिया जाएगा. §֍:बाजार ह्स्तक्षेप योजना से मिलेगा लाभ§ֆ:केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एनसीसीएफ के जरिए राज्य में टमाटर के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के परिवहन घटक के कार्यान्वयन को मंजूरी दे दी है. पीटीआई के अनुसार आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एनसीसीएफ के जरिए किसानों को खर्च का भुगतान किया जाएगा. इसके लिए एनसीसीएफ जल्द ही मध्य प्रदेश से ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी कर रहा है. बाजार हस्तक्षेप योजना (Market Intervention Scheme) के तहत जहां उत्पादक और उपभोक्ता राज्यों के बीच शीर्ष फसलों (टमाटर, प्याज और आलू) की कीमत में अंतर है, वहां उत्पादक राज्य से अन्य उपभोक्ता राज्यों में फसलों के स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन में होने वाली परिचालन लागत की प्रतिपूर्ति नेफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय नोडल एजेंसियों को की जाएगी. एजेंसियां किसानों को भुगतान करेंगी. बयान में कहा गया है कि यह उत्पादक राज्यों के किसानों के हित में किया गया फैसला है.§पिछले कई हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई ज्यादातर हिस्सों में टमाटर के दामों में भारी गिरावट देखीजा रही थी. ओडिशा में टमाटर 2-3 रुपये प्रति किलो तक गिर गया है. वहीं, मध्य प्रदेश में भी बाजारों में दाम काफी कम हो गए हैं. ऐसे में किसानों की ट्रांसपोर्ट की भी कीमत नहीं निकल पा रही है. कई किसानों ने खड़ी फसल को मवेशियों से चरा दिया है या फिर उपज को खेत में ही छोड़ दिया है. किसानों के नुकसान की पूर्ति के लिए स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट खर्च देने की योजना लाई गई है. इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के किसानों को लाभ देकर की जा रही है.

