֍:केवल स्वदेशी गाय पाल सकते हैं§ֆ:उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी राकेश तिवारी बताते हैं कि इस योजना के तहत किसान भाइयों को सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जा रही है और इस योजना के तहत किसान भाई केवल स्वदेशी गाय का पालन ही कर सकते हैं.§֍:क्या है मिनी नंदिनी योजना§ֆ:राकेश तिवारी आगे बताते हैं कि डेयरी इकाई की स्थापना करने पर पशुपालकों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा. इसके लिए गोंडा के किसान भाइयों को सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जा रही है. इस योजना का लाभ पशुपालन के साथ-साथ छोटे एवं सीमांत किसान भी उठा सकेंगे.
§֍:किसानों को इतना अनुदान§ֆ:इसके लिए पशुपालकों को कम से कम 10 स्वदेशी प्रजाति की गायों की इकाई स्थापित करनी होगी, जिसमें साहीवाल, गिर और थारपारकर वगैरह शामिल हैं. ये नस्लें दुग्ध उत्पादन की क्षमता के लिए जानी जाती हैं. अगर आप ऐसी डेयरी बनते हैं, तो इस पर 20 से 23 लाख रुपये तक खर्च आएगा. इस बड़ी राशि में प्रदेश सरकार का अनुदान एक बड़ा योगदान होगा, जो 50 प्रतिशत तक दिया जा रहा है.§यूपी के गोंडा के किसानों के लिए मिनी नंदिनी गाय पालन योजना आयी है. इस योजना के तहत किसान भाइयों को सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जा रही है. इस योजना के तहत किसान भाई को देसी गायों का पालन करना है, जैसे साहीवाल, थारपारकर, गिर आदि. इसके अलावा दूसरी देसी गायों का पालन भी कर सकते हैं.

