֍:इन बातों का रखें ध्यान§ֆ:देश के ज्यादातर किसान मिट्टी के पीएच मान का उचित देखरेख किए बिना ही बागवानी शुरू देते हैं. ऐसे में पौधे का विकास नहीं हो पाता है, जिससे भारी नुकसान की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में किसानों को बागवानी करने से पहले अपनी खेतों की मिट्टी की जांच करनी चाहिए. इसके बाद ही पौधो की बुवाई करनी चाहिए.§֍:§ֆ:अब बात करें किन पेड़ों की बागवानी करें तो इसमें किसान कुछ खास पेड़ों की खेती की जा सकती हैं, जिसमें, महोगनी, यूकेलिप्टस, मालाबार नीम, सिरिस, सागौन, शीशम, अर्जुन, सखुआ और बांस की बागवानी कर सकते हैं. ऐसे पौधों के विकास के लिए मिट्टी का pH मान 6 से 7 होना चाहिए. वहीं गीली जमीन पर सीरिस, यूकेलिप्टस और बांस की कुछ खास प्रजातियों खेती बेस्ट मानी जाती हैं. इसके अलावा बंजर जमीन पर देसी सिरिस, सफेद सिरिस, नीम, महुवा, अर्जुन के पेड़ों को रोपा जा सकता है.§֍:पेड़ों के साथ कर सकते हैं खेती§ֆ:कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, लकड़ी वाले पेड़ों की खेती को किसान लॉन्ग टाइम तक कर सकते हैं. इसमें अधिक समय में अधिक लाभ होता है. वैज्ञानिकों का मानना होता है कि पेड़ को लगाने से काटने तक के बीच के समय में आप अतिरिक्त कमाई के लिए इनके बीच खाली जगहों पर हल्दी, अदरक, अरबी, काली मिर्च और मिर्च जैसी फसलों की खेती भी कर सकते हैं.§देशभर में किसान अलग-अलग खेती कर जल्द मुनाफा कमाने के लिए अग्रसर है. इसके लिए किसान पारंपारिक खेती छोड़ रहे हैं. लेकिन फसलों से अधिक कमाई पेड़ों की बीगवानी में होती है. इसमें केवल 2-3 सालों में काफी अच्छा मुनाफा हो जाता है. इसमें केवल पेड़ों की देखभाल में ज्यादा मेहनत करनी होती है. पेड़ ना सिर्फ लकड़ी के लिहाज से महंगे बिकते हैं, बल्कि इनमें से कई पेड़ों के फल, पत्तियां, छाल और जड़ आदि भी बहुत महंगे बिकते हैं.

