֍:ICAR के बने महानिदेशक §֍:§֍:§ֆ:डॉ. जाट ने आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली से वर्षा आधारित बाजरा में मृदा नमी संरक्षण के विषय पर पीएचडी की उपाधि ली हुई है. वे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS) के फेलो हैं और उन्हें आईसीएआर के प्रतिष्ठित रफी अहमद किदवई पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है.उन्होंने संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO )अंतरराष्ट्रीय सटीक कृषि सोसायटी (ISPA) और कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं में विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं.§֍:आईसीएआर कृषि अनुसंधान सबसे बडी संस्था §ֆ:भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) के तहत एक स्वायत्त संगठन है.यह परिषद पूरे देश में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और शिक्षा के समन्वय, मार्गदर्शन और प्रबंधन के लिए सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करती है, डॉ. जाट की नियुक्ति इस अहम संस्थान को रिसर्च की नई आशाए हैं.§देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एल. जाट को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के नए महानिदेशक (डीजी) और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर) के सचिव नियुक्त किए गये है. कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उनकी इस नियुक्ति को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है. यह नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होकर उनकी 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जारी रहेगी वर्तमान में, डॉ. जाट हैदराबाद स्थित अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) में उपमहानिदेशक अनुसंधान के पद पर कार्यरत हैं. वे एक जाने-माने सिस्टम एग्रोनोमिस्ट हैं और विकासशील देशों में सिस्टम साइंस के क्षेत्र में उन्हें 25 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है.

