उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ज़ेप्टो प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य ‘ज़ेप्टो नोवा’ इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र के शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को समर्थन और विस्तार देना है।
यह सहयोग छह महीने के विशेष कार्यक्रम के तहत हार्डवेयर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), पैकेजिंग और सतत विनिर्माण जैसी तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को खोजने, मार्गदर्शन देने और प्रोटोटाइप से बाजार-तैयार उत्पाद तक पहुंचाने में मदद करेगा। इसके लिए ज़ेप्टो अपनी डिलीवरी और डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध कराएगा।
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कार्यक्रम के तहत मेंटरशिप, क्षमता निर्माण, विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले कार्यशालाएं और स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। ज़ेप्टो अपनी सप्लाई चेन में 100 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स को शामिल करेगा, जिससे उन्हें अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, बाजार तक पहुंचने और विस्तार करने का अवसर मिलेगा।
अधिकारियों के विचार
इस अवसर पर डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि यूनिकॉर्न कंपनियों का सहयोग स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है, जिससे उन्हें सफल उद्यमों की यात्रा से सीखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक अवसर है बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देने की जिम्मेदारी भी है।
डीपीआईआईटी के निदेशक डॉ. सुमीत जरंगल और ज़ेप्टो के सह-संस्थापक कैवल्य वोहरा ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। कैवल्य वोहरा ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय विनिर्माण के भविष्य को आकार देने में मदद करेगी और ‘ज़ेप्टो नोवा’ कार्यक्रम इसके लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

