खरीफ सीजन में देश के कई राज्यों में अप्रत्याशित भारी बारिश और बाढ़ के कारण किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो रही हैं। झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में धान, मक्का, सोयाबीन, दलहन और तिलहन की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में किसानों के लिए फसल बीमा का दावा करना पहले एक जटिल प्रक्रिया हुआ करती थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत Digi-Claim प्लेटफॉर्म ने इस प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बना दिया है।
Digi-Claim क्या है?
Digi-Claim PFMS (Public Financial Management System) और NCIP (National Crop Insurance Portal) का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे कृषि मंत्रालय ने 2023 में लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य फसल बीमा दावों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करना और किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में मुआवजा भुगतान करना है।
कैसे काम करता है Digi-Claim?
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फसल नुकसान की रिपोर्टिंग: यदि किसी प्राकृतिक आपदा (बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि) के कारण फसल को नुकसान होता है, तो किसान को स्थानीय कृषि विभाग या बीमा कंपनी को सूचित करना होता है।
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फील्ड सर्वे: बीमा अधिकारी या कृषि विभाग का प्रतिनिधि खेत का सर्वे करता है और नुकसान का आकलन NCIP पोर्टल पर अपलोड करता है।
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ऑटोमेटेड क्लेम प्रोसेसिंग: PFMS और NCIP के एकीकरण के कारण, बीमा कंपनियां डेटा की जांच करके क्लेम राशि की गणना करती हैं।
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सीधा भुगतान: स्वीकृत दावे की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।
Digi-Claim के फायदे
- पारदर्शिता: किसान PMFBY पोर्टल (pmfby.gov.in) पर लॉगिन करके अपने क्लेम की स्थिति रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं।
- तेज प्रक्रिया: पारंपरिक तरीकों की तुलना में दावे का निपटान अब कुछ दिनों में हो जाता है
- बिचौलियों की समाप्ति: भुगतान सीधे किसान के खाते में जाता है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है।
- डेटा एक्यूरेसी: राज्य सरकारें फसल उपज और नुकसान का डेटा अपडेट करती हैं, जिससे दावे की सटीकता बढ़ती है।
कैसे करें आवेदन?
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किसान का PMFBY में पंजीकृत होना जरूरी है।
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आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और जमीन के दस्तावेज तैयार रखें।
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फसल नुकसान होने पर तुरंत स्थानीय कृषि अधिकारी को सूचित करें।
किसानों की मदद कर रहा है Digi-Claim
राजस्थान के भरतपुर संभाग में 19,170 हेक्टेयर में खरीफ फसलें बर्बाद होने के बाद किसानों को Digi-Claim के माध्यम से तेजी से मुआवजा मिल रहा है 8। इसी तरह, झारखंड के लातेहार जिले में भारी बारिश से मक्का, दलहन और तिलहन की फसलें प्रभावित हुई हैं, लेकिन अब किसानों को बीमा दावों में आसानी हो रही है 4।
निष्कर्ष
Digi-Claim ने फसल बीमा प्रक्रिया में क्रांति ला दी है। अब किसानों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ता और न ही बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

