देश के कई हिस्सों में मानसून ने रौद्र रूप ले लिया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं राजधानी दिल्ली में रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी नहीं बख्शा।
राजस्थान: 16 जिलों में रेड अलर्ट, गांव जलमग्न
राजस्थान में सवाई माधोपुर, धौलपुर, जयपुर और बूंदी समेत 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगह स्कूल बंद कर दिए गए हैं। धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से करीब 11 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। कई इलाकों में पानी की गहराई 10 से 15 फीट तक पहुंच गई है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभागों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।
मध्य प्रदेश: 13 जिलों में जनजीवन प्रभावित, 2900 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
मध्य प्रदेश के शिवपुरी, विदिशा, गुना और सागर जिलों में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया है। चंबल, सिंध और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिनकी वजह से बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई गांव डूब गए हैं। सेना और आपदा प्रबंधन दलों ने अब तक 27 स्कूली बच्चों समेत करीब 2900 लोगों को सुरक्षित निकाला है। नर्मदा तटीय जिलों – खंडवा, डिंडोरी, जबलपुर, नर्मदापुरम और हरदा – में भी बाढ़ जैसे हालात हैं।
दिल्ली: तेज बारिश से सफदरजंग अस्पताल जलमग्न
दिल्ली में मंगलवार देर रात से हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाके पानी-पानी हो गए हैं। सफदरजंग अस्पताल के एच ब्लॉक की गैलरी में पानी भर गया, जिससे मरीजों और परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की कमजोर व्यवस्था एक बार फिर राजधानी की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में बारिश ने जहां एक ओर राहत दी, वहीं बाढ़ की मार ने आम जनजीवन को गहरे संकट में डाल दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिन और भारी हो सकते हैं, लिहाजा लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

