֍:§ֆ:आज डेयरी बाजार में ऑर्गेनिक दूध की डिमांड काफी है. इसी क्रम में अगर आप भी डेयरी बिजनेस करने का विचार कर रहे हैं. तो आप गाजियाबाद स्थित एनसीओएनएफ के ऑफिस में जाकर वहां इस व्यवसाय से जुड़ी अहम जानकारी ले सकते हैं. यहां से दूध खरीदने के लिए आपको पहले कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है. तभी जाकर आप पशुओं से ऑर्गेनिक दूध ले सकते हैं. §֍:दूध के ऑर्गेनिक है तभी मिलेगा सर्टिफिकेट §ֆ:डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि लम्बे वक्त से ऑर्गनिक चारे पर काम चल रहा है. लेकिन चारा ऑर्गेनिक है या नहीं इसके लिए सर्टिफिकेट लेना होता है. लेकिन सिर्फ ऑर्गेनिक हरा चारा खिलाने से ही ही दूध ऑर्गेनिक नहीं हो जाता है. इसके लिए और दूसरे नियमों का भी पालन करना होता है. §ֆ:§֍:• सर्टिफिकेट देने से पहले देखा जाता है कि पशु को खाने में ऑर्गेनिक चारा दिया जा रहा है या नहीं.
• सूखा चारा यानि भूसा जिस फसल का है वो ऑर्गेनिक थी या नहीं.
• जहां ऑर्गनिक चारा उगाया जा रहा है उसके आसपास दूसरी फसल में पेस्टी साइट का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है.
• जिस फसल में पेस्टीसाइट इस्तेमाल किया जा रहा है नियमानुसार ऑर्गेनिक फसल से एक तय दूरी रखनी पड़ती है.
• पशुओं को दी जाने वाली वैक्सीजन, बीमारी में दी जा रहीं दवाई भी नियमानुसार दी जाती है.
• कुछ खास बीमारियों में पशुओं को सिर्फ हर्बल दवा खिलाने के ही नियम होते हैं.
• पशुओं को जो दाना यानि फीड दिया जाता है उसकी भी जांच होती है.
• फीड बनाने में किसी तरह के केमिकल (ऐडिटिव) का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है.
§ֆ:डेयरी और फीड एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि ऑर्गेनिक दूध के मामले में ऐसा भी नहीं है कि आज से आपने पशुओं को ऑर्गनिक चारा देना शुरू किया तो वो कल से ऑर्गनिक दूध देना शुरू कर देंगे. इसके लिए भी नियमानुसार पशुओं के हिसाब से दिन तय किए जाते हैं.§समय के साथ- साथ कृषि क्षेत्र में ऑर्गेनिक की डिमांड में इजाफा देखने को मिला है. लोगों ने हेल्थी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने के लिए ऑर्गेनिक की तरफ रुख किया है. अब लोग हेल्डी फूड के साथ कोई भी कॉम्प्रोमाइज नहीं करना चाहते. न सिर्फ फल- फ्रूट बल्कि अब ऑर्गेनिक दूध की डिमांड भी काफी तेज हो गई है. आज बाजार में ऑर्गेनिक दूध-घी की डिमांड खूब है. मार्केट में बहुत सी ऐसी कंपनियां हैं जो दूध को ऑर्गेनिक बता कर बेच रही हैं. लेकिन उनके द्वारा बेचा गया दूध ऑर्गेनिक है या नहीं इस बात का प्रमाण किसी के पास नहीं है. लेकिन इस बात की प्रमाणिकता का पता चलता है राष्ट्रीय जैविक एंव प्राकृतिक खेती द्वारा मिलने वाले सर्टिफिकेट से. एनसीओएनएफ का ऑफिस उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मौजूद है.

