दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विधानसभा के मानसून सत्र (4-8 अगस्त) की कार्यवाही और उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि 5 दिन तक चले इस सत्र में 19 घंटे 40 मिनट की गहन चर्चाओं के बाद 5 महीने के कार्यकाल में 3 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जबकि पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पूरे 5 साल में केवल 14 बिल पास किए थे।
प्रमुख विधेयक और सत्र की उपलब्धियाँ
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शिक्षा बिल: दिल्ली स्कूल शिक्षा (पारदर्शिता एवं शुल्क विनियमन) विधेयक, 2025 के तहत निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाई गई, जिससे अभिभावकों को राहत मिलेगी।
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जीएसटी संशोधन: दो जीएसटी संशोधन विधेयक पारित हुए, जिन पर विपक्ष के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
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डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल सत्र: पहली बार विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस हुई और सौर ऊर्जा से संचालित हुई, जिससे दिल्ली देश की पहली “ग्रीन विधानसभा” बनी।
विपक्ष पर जोरदार प्रहार
सीएम गुप्ता ने पिछली AAP सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने “फांसी घर” नामक एक झूठा ऐतिहासिक नैरेटिव फैलाया था, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “पिछली सरकार के मुखिया की प्रवृत्ति झूठ बोलने के लिए किसी भी हद तक जाने की थी” 15। साथ ही, दो CAG रिपोर्ट्स के हवाले से आरोप लगाया कि AAP सरकार ने केंद्र से मिले फंड का सही उपयोग नहीं किया, जिसमें यमुना सफाई और अमृत योजना शामिल हैं।
लोकतांत्रिक चर्चा और विपक्ष की भूमिका
सत्र के दौरान नियम 280 के तहत 171 बार विधायकों ने चर्चा में भाग लिया और 62 विषयों पर बहस हुई। सीएम ने दावा किया कि विपक्ष को भी पूरा मौका दिया गया, हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के पास “बोलने के लिए वक्ता तक नहीं थे”।
अन्य प्रमुख घटनाक्रम
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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सदन ने प्रधानमंत्री मोदी और सुरक्षा बलों को बधाई दी।
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आवारा कुत्तों की समस्या: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली सरकार जल्द ही एक नई नीति लाएगी।
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महिला सशक्तिकरण: ‘शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ में संशोधन कर महिलाओं को रात 9 बजे के बाद भी काम करने की अनुमति दी गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस “पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण” पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले सत्रों में भी जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।

