֍:कम उत्पादन पर मिलेगा मुआवजा§ֆ:विभाग के अनुसार जिले में धान की पैदावार कम हुई है. अभी प्रति एकड़ औसत उत्पादन का अनुमान लगाया जाना शेष है, लेकिन विभाग जो संकेत दे रहा है उसके मुताबिक औसत पैदावार में भी काफी कमी आई है. अधिकारियों ने कहा कि फसल बीमा कराने वाले किसानों को औसत से कम पैदावार होने पर मुआवजा मिलेगा. पैदावार में गिरावट के पीछे जुलाई में करीब 25 दिनों तक बारिश नहीं होना, सिंचाई के लिए पानी की कमी, कुछ इलाकों में धान की फसलों पर रोग और कीटों का हमला और समय पर खाद का नहीं मिलना जैसे कारण हो सकते हैं.§֍:डीएपी की बढ़ी डिमांड§ֆ:राज्य मेंम रबी सीजन की शुरुआत हो गई है. इस दौरान किसानों को खेत में लगाने के लिए डीएपी की कमी हो रही है. ऐसे में कुछ सरकारी खाद बिक्री केंद्रों पर कुप्रबंधन के चलते पुलिस की निगरानी में डीएपी की बिक्री की जा रही है. सीएम नायब सिंह सैनी ने किसानों से अपील की है कि वे परेशान न हों, राज्यि में डीएपी की कमी नहीं है. §हरियाणा में इस बार मानसून काफी देरी से आया. जिस कारण किसानों के धान उत्पादन मेंगिरावट देख गई. इस सीजन में करीब 25-30 प्रतिशत नुकसान की आशंका है. वहीं, कृषि विभाग ने अनुमान लगाया था कि हिसार की मंडियों में 80,000 मीट्रिक टन धान की आवक होगी. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने भी इसी अनुमान के अनुरूप खरीद की तैयारी की थी, लेकिन अब तक जिले की 13 मंडियों में सिर्फ 50 हजार मीट्रिक टन धान ही पहुंचा है.इन मंडियों में एक महीने से धान की खरीद होते हुए एक महीने से ज्याेदा का समय हो गया है.

