• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

भारत को वैश्विक रासायनिक उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में नीति आयोग की बड़ी पहल

Fiza by Fiza
July 4, 2025
in कृषि समाचार
0
भारत को वैश्विक रासायनिक उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में नीति आयोग की बड़ी पहल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नीति आयोग ने अपनी महत्वाकांक्षी रिपोर्ट “Chemical Industry: Powering India’s Participation in Global Value Chains” जारी की। यह रिपोर्ट भारतीय रासायन उद्योग की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है, और यह रेखांकित करती है कि कैसे भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर किया जा सकता है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति

वैश्विक रासायनिक उद्योग में तेजी से बदलाव हो रहे हैं – आपूर्ति शृंखलाओं का पुनर्गठन, ग्रीन और स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, और नवाचार तथा सतत विकास पर केंद्रित दृष्टिकोण के चलते भारत के लिए नए अवसर उत्पन्न हुए हैं। वर्तमान में भारत का वैश्विक रासायन मूल्य श्रृंखला में हिस्सा मात्र 3.5% है, और 2023 में 31 अरब डॉलर का व्यापार घाटा दर्ज किया गया। इसके बावजूद, यदि रणनीतिक हस्तक्षेप और नीतिगत सुधार किए जाएं, तो 2040 तक इस क्षेत्र को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया जा सकता है और 12% वैश्विक हिस्सेदारी हासिल की जा सकती है।

प्रमुख चुनौतियां

  • कच्चे माल के लिए अत्यधिक आयात पर निर्भरता
  • औद्योगिक क्लस्टरों की खराब अवस्थिति और अधोसंरचना की कमी
  • उच्च लॉजिस्टिक्स लागत और पर्यावरणीय स्वीकृति में विलंब
  • अनुसंधान एवं विकास (R&D) में कम निवेश (भारत में 7% जबकि वैश्विक औसत 2.3%)
  • ग्रीन केमिस्ट्री, नैनोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित जनशक्ति की कमी (30% की कमी)

नीति आयोग के प्रस्तावित समाधान

नीति आयोग ने इस क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार की है:

  1. विश्वस्तरीय रासायनिक हब्स का निर्माण: मौजूदा क्लस्टरों को अपग्रेड कर नए हब्स का विकास, जिसके लिए एक केंद्रीय समिति और “केमिकल फंड” की स्थापना की जाएगी।
  2. बंदरगाह अधोसंरचना का विकास: केमिकल ट्रेडिंग के लिए एक समिति गठित कर 8 प्रमुख क्लस्टरों को विकसित किया जाएगा।
  3. ऑपेक्स सब्सिडी योजना: आयात निर्भरता, निर्यात क्षमता आदि के आधार पर रासायन उत्पादन में वृद्धि को प्रोत्साहन देने हेतु सब्सिडी।
  4. अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा: उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग से एक इंटरफेस एजेंसी का निर्माण।
  5. पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना: डीपीआईआईटी के अधीन एक ऑडिट समिति द्वारा प्रक्रिया की निगरानी।
  6. रासायन उद्योग के अनुकूल FTA (मुक्त व्यापार समझौते): कच्चे माल और पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक पर शुल्क छूट जैसे प्रावधानों को शामिल करना।
  7. कौशल विकास और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण: आईटीआई और विशेष प्रशिक्षण संस्थानों का विस्तार, फैकल्टी अपग्रेडेशन और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी।

2030 का विज़न

भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक वैश्विक रासायन उद्योग में अपनी हिस्सेदारी 5-6% तक पहुंचाए। इस दौरान 7 लाख नई नौकरियां सृजित होंगी, और व्यापार घाटा खत्म कर रासायन क्षेत्र को नेट जीरो स्थिति में लाया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि नीति और उद्योग जगत मिलकर काम करें, तो भारत इस क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।

नीति आयोग की यह रिपोर्ट न केवल एक विज़न डॉक्युमेंट है, बल्कि यह “विकसित भारत @2047″ के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम भी है। यदि केंद्र और राज्य सरकारें, उद्योग जगत तथा अन्य साझेदार मिलकर इन रणनीतियों को लागू करें, तो भारत न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि वैश्विक रासायन बाजार में नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।

Previous Post

शिलांग में खाद्य, पोषण और स्वास्थ्य पर DAY-NRLM की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित

Next Post

राहुल गांधी का किसानों की आत्महत्या पर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, बीजेपी का पलटवार – जानें पूरा मामला

Next Post
राहुल गांधी का किसानों की आत्महत्या पर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, बीजेपी का पलटवार – जानें पूरा मामला

राहुल गांधी का किसानों की आत्महत्या पर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, बीजेपी का पलटवार – जानें पूरा मामला

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.