֍:शनिवार से लागू होंगे बदलाव§ֆ:कच्चे तेलों और रिफाइंड तेलों पर प्रभावी शुल्क क्रमश: 5.5 प्रतिशत से बढ़कर 27.5 प्रतिशत और 13.75 प्रतिशत से बढ़कर 35.75 प्रतिशत हो जाएगा. अधिसूचना में कहा गया है कि शुल्क में बदलाव शनिवार से प्रभावी होंगे. इसको लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि सरकार के निर्णयों से जहां एक ओर बासमती चावल और प्याज के निर्यात में वृद्धि हो तो दूसरी ओर खाद्य तेलों का आयात घटेगा. साथ ही केंद्र की मोदी सरकार में लिए गए इन फैसलों से हमारे अन्नदाताओं के उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी होगी तथा उपभोक्ताओं को भी इसका भरपूर लाभ सुनिश्चित होगा. §֍:MSP से भी मिल रहा कम दाम§ֆ:खाद्य तेलों के सस्ते आयात के कारण देश में सोयाबीन जैसी तिलहन फसलों के दाम गिरकर एक दशक के न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी कम दाम मिल रहा है. सोयाबीन की कीमतों में गिरावट और सरकारी मदद न मिलने के मुद्दे पर तिलहन उत्पादक मध्य प्रदेश के किसान लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.§केंद्र सरकार ने कई तरह के तेल उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ाया है. इसमें क्रूड और रिफायंड शामिल हैं. ये फैसला सस्ते आयात की मार से बचने के लिए भारतीय खाद्य तेल उद्योग की मांग को देखते हुए लिया गया है. इसको लेकर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी गई सूचना में बताया गया कि क्रूड पाम, क्रूड सोयाबीन और क्रूड सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) शून्य से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है. इसी के साथ रिफाइंड पाम, रिफाइंड सोयाबीन और रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क 12.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 32.5 प्रतिशत किया गया है.

