ֆ:§֍:ड्रोन स्प्रे प्रोटोकॉल और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर§ֆ:बैठक की अध्यक्षता कर रहे PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कीटनाशक, फफूंदनाशक और खरपतवारनाशक के ड्रोन से छिड़काव के लिए एक मानक प्रोटोकॉल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग की दिशा में मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए ताकि डीएपी और अन्य उर्वरकों का संतुलित उपयोग हो सके। उन्होंने राज्य में तिलहन और दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत विपणन और प्रसंस्करण ढांचा स्थापित करने की आवश्यकता भी जताई।§֍:सतही बुवाई तकनीक को सराहना, मशीन में सुधार का सुझाव§ֆ:डॉ. एमएस भुल्लर, निदेशक विस्तार शिक्षा, ने बताया कि परिषद के सदस्यों ने कम लागत वाली सतही बुवाई तकनीक की विशेष रूप से सराहना की, लेकिन बड़े स्तर पर अपनाने के लिए मशीन में और सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने बताया कि ट्राइकोग्रामा जैसे जैविक नियंत्रण उपायों को खेत स्तर पर बढ़ावा देने, आलू खोदने की मशीन को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी में शामिल करने, मूल्य पूर्वानुमान के लिए मार्केट इंटेलिजेंस पर काम तेज करने और ड्रिप सिंचाई पर पेड़ पौधे लगाने को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।
§֍:स्प्रिंग और समर मक्का की खेती को हतोत्साहित करने की सलाह§ֆ:अनुसंधान निदेशक डॉ. एएस धत्त ने बैठक में नैनो-फर्टिलाइजर की अप्रभावीता और वसंत व ग्रीष्मकालीन मक्का की बढ़ती खेती पर चिंता जताई। उन्होंने इसे जल संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत हानिकारक बताते हुए इसे हर हाल में हतोत्साहित करने की जरूरत बताई।§֍:जल संरक्षण वाली PR किस्मों की बढ़ती लोकप्रियता§ֆ:डॉ. जीएस मंगट, अतिरिक्त निदेशक अनुसंधान (कृषि), ने बताया कि PAU द्वारा विकसित जल बचाने वाली जल्दी पकने वाली ‘PR’ किस्में राज्य में लोकप्रियता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन किस्मों ने जल अधिक खपत करने वाली ‘पुसा 44’ को पीछे छोड़ते हुए पूरे राज्य में अपना दबदबा बना लिया है। बैठक की शुरुआत में अतिरिक्त निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. जीपीएस सोढी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. टीएस ढिल्लों ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
यह बैठक PAU के कृषि नवाचार और तकनीकी मार्गदर्शन को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही, जिसमें नकली बीजों और अवैध पौध बिक्री जैसी गंभीर समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई।
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पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में आयोजित 25वीं एक्सटेंशन काउंसिल की बैठक में विशेषज्ञों ने किसानों को नकली बीजों और अवैध रूप से बेचे जा रहे फल पौधों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने किसानों से केवल PAU द्वारा विकसित फसल किस्मों और तकनीकों को अपनाने की अपील की ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और बेहतर लाभ मिल सके।बैठक में कृषि और बागवानी विभागों के प्रतिनिधियों, जिला स्तर के विशेषज्ञों, मैदानी कर्मचारियों और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर कृषि तकनीक के हस्तांतरण से जुड़ी उपलब्धियों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

