֍:दिल्ली- नोएडा तक पहुंचे कोरोना केस §ֆ:हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक कोरोना सें संक्रमित ज़्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण ही दिखाई दे रहे हैं. साथ ही अभी तक संक्रमित किसी भी मरीज के मौत की खबर भी नहीं आई है. दक्षिण एशिया में कोविड मामलों में उछाल संभवतः JN.1 वैरिएंट (ओमिक्रॉन का एक उप-वैरिएंट) के प्रसार के कारण हो रहा है. एक्सपर्ट्स की माने तो यह वायरस काफी “सक्रिय” है, लेकिन इसे अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा “चिंताजनक वैरिएंट” के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है.§֍:तीन-चार दिन में ठीक हो जा रहे हैं मरीज§ֆ:कोरोना के JN.1 वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और संक्रमित व्यक्ति चार दिनों के भीतर ठीक हो जाता है. कुछ सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, थकावट शामिल हैं. हालांकि दिल्ली में कोरोना वायरस के 23 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद भाजपा सरकार ने अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि नवीनतम वैरिएंट “केवल एक सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसा है”.§देश में एक बार फिर से कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. शहरी क्षेत्रों में कोरोना धीरे-धीरे वापसी कर रहा है. जिसके चलते दिल्ली, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है. दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में इस महीने नए मामले दर्ज किए हैं. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तीन साल में पहली बार कोरोना वायरस के मामले (23) दर्ज किए गए हैं.

