֍:फिर बढ़ा कोरोना का खतरा §ֆ:हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मई 2023 में महामारी के खत्म होने की घोषणा की थी लेकिन कोविड-19 वैश्विक स्तर पर अभी भी फैल रहा है. भारत में अधिकांश मामले हल्के हैं और सिर्फ कोरोना से मौत या आईसीयू में भर्ती होने का नए मामलों से संबंध नहीं है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. लेकिन फिर भी लोगों के मन में कई सवाल हैं कि भारत में कोरोना को लेकर क्या जोखिम हो सकता है और यह कितना खतरनाक है. तो आइए भारत में कोरोना के जोखिम को लेकर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, यह भी जान लेते हैं.
§हांगकांग और सिंगापुर सहित एशिया के कुछ हिस्सों में संक्रमण के फिर से बढ़ने के बीच स्वास्थ्य अधिकारी कई राज्यों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं क्योंकि सिंगापुर-हांगकांग के बाद अब भारत में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी संक्रमण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है. जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु में कोविड-19 के 12 नए मामले सामने आए हैं, जबकि पुडुचेरी में 12 नए मामले सामने आए हैं. पहले इन्फ्लूएंजा के कारण होने वाले बुखार को अब कोविड-19 से जोड़कर देखा जा रहा है. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के अनुसार, कर्नाटक में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले सामने आए हैं. गुजरात में अहमदाबाद में एक ही दिन में सात नए मामले सामने आए हैं.

