श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो द्वारा कृषि श्रमिकों (CPI-AL) और ग्रामीण श्रमिकों (CPI-RL) के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का नया आधार वर्ष 2019=100 घोषित किया गया है। यह नया सूचकांक पुराने आधार वर्ष 1986-87=100 की जगह लेगा।
श्रम ब्यूरो द्वारा यह संशोधन उपभोक्ता मूल्य सूचकांकों को अधिक सटीक, व्यापक और वैज्ञानिक बनाने के लिए किया गया है। इससे सूचकांकों में वर्तमान उपभोग पैटर्न, जीवनशैली और बाजार व्यवहार को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सकेगा।
प्रमुख बदलाव और सुधार
इस संशोधित श्रृंखला में कई महत्वपूर्ण पद्धतिगत परिवर्तन किए गए हैं:
- खर्च का वितरण (Weighting Diagram) अब नए उपभोग पैटर्न के आधार पर तैयार किया गया है।
- अंकगणित औसत (Arithmetic Mean) के स्थान पर ज्यामितीय औसत (Geometric Mean) का प्रयोग किया गया है, जिससे मूल्य में अस्थिरता को संतुलित किया जा सके।
- COICOP–2018 के अनुरूप नवीनतम उपभोग वर्गीकरण अपनाया गया है।
- PDS वस्तुओं की कीमतों की गणना ‘उपलब्धता‘ की जगह ‘स्वीकृति‘ (admissibility) अवधारणा पर आधारित है।
- नए सूचकांक में 34 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं, जबकि पुरानी श्रृंखला में केवल 20 राज्य शामिल थे।
- 600 की बजाय अब 787 गांवों से मूल्य संग्रह किया जाता है।
- 150-200 वस्तुएं शामिल की गई हैं, जो पहले केवल 65-106 थीं।
जून 2025 का CPI-AL और CPI-RL
जून 2025 के लिए संशोधित श्रृंखला (आधार वर्ष: 2019=100) के अनुसार:
- कृषि श्रमिकों (CPI-AL) का सूचकांक 134 अंक
- ग्रामीण श्रमिकों (CPI-RL) का सूचकांक भी 134 अंक
- वार्षिक मुद्रास्फीति दर:
- CPI-AL के लिए 42%
- CPI-RL के लिए 73%
यह देखा गया है कि नए आधार वर्ष के अनुसार वार्षिक मुद्रास्फीति दर पुरानी श्रृंखला की तुलना में अधिक मध्यम और यथार्थवादी है।
विस्तृत जानकारी
नए आधार वर्ष पर आधारित विस्तृत विश्लेषण और तकनीकी विवरण के लिए श्रम ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट पर विवरणात्मक नोट उपलब्ध है:
???? https://www.labourbureau.gov.in

