֍:राजनीतिक परिवार में जन्मे राहुल गांधी §ֆ:प्रमुख राजनीतिक परिवार में जन्मे राहुल गांधी की प्रारंभिक शिक्षा दून स्कूल में हुई, उसके बाद फ्लोरिडा और कैम्ब्रिज में पढ़ाई हुई. वह एमफिल पास हैं. राहुल के पिता राजीव गांधी, दादी इंदिरा गांधी, परदादा जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. मां सोनिया गांधी राजनीति में मजबूत बनी रहीं. कहा जाता है कि 2014 और खासकर 2019 में पार्टी की हार के बाद से राहुल दिखने लगे, वे सड़कों पर उतरे लोगों के बीच गए. 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के बाद 2024 में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा जैसे आंदोलनों का नेतृत्व किया.
§֍:कांग्रेस पार्टी के भीतर उत्थान§ֆ:2007 में राहुल गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव बने, जो उनके बढ़ते प्रभाव का संकेत था. उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रियता पर जोर देते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और युवा कांग्रेस को पुनर्जीवित करने पर काफी मेहनत की.
§कांग्रेस नेता और वारिस रायबरेली से सांसद बने राहुल गांधी 54 साल के हो गए हैं. सबसे बड़े भारतीय राजनीतिक घराने में जन्में राहुल ने 2004 में राजनीति में एंट्री की. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के महासचिव के रूप में उन्होंने युवा सशक्तिकरण से जमीनी स्तर पर जुड़े रहे. वह पहली बार अमेठी से लोकसभा चुनावों में मैदान में उतरे थे, इस बात को 20 साल बीत चुके. राहुल अपने पिता राजीव गांधी की अमेठी सीट से 2009 और 2014 में जीतकर दो बार सांसद चुने गए. 2019 में वह इस सीट से स्मृति इरानी से चुनाव हारे. 2013 में राहुल गांधी को कांग्रेस उपाध्यक्ष, 2017 में अध्यक्ष बनाया गया. लेकिन 2029 में पार्टी को देशभर से मिली करारी हार के बाद राहुल ने जुलाई 2019 में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. 2019 में ही राहुल वायवाड से लोकसभा चुनाव 4,31,770 रिकॉर्ड वोटों से जीते थे.
§֍:कांग्रेस पार्टी के भीतर उत्थान§ֆ:2007 में राहुल गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव बने, जो उनके बढ़ते प्रभाव का संकेत था. उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रियता पर जोर देते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और युवा कांग्रेस को पुनर्जीवित करने पर काफी मेहनत की.
§कांग्रेस नेता और वारिस रायबरेली से सांसद बने राहुल गांधी 54 साल के हो गए हैं. सबसे बड़े भारतीय राजनीतिक घराने में जन्में राहुल ने 2004 में राजनीति में एंट्री की. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के महासचिव के रूप में उन्होंने युवा सशक्तिकरण से जमीनी स्तर पर जुड़े रहे. वह पहली बार अमेठी से लोकसभा चुनावों में मैदान में उतरे थे, इस बात को 20 साल बीत चुके. राहुल अपने पिता राजीव गांधी की अमेठी सीट से 2009 और 2014 में जीतकर दो बार सांसद चुने गए. 2019 में वह इस सीट से स्मृति इरानी से चुनाव हारे. 2013 में राहुल गांधी को कांग्रेस उपाध्यक्ष, 2017 में अध्यक्ष बनाया गया. लेकिन 2029 में पार्टी को देशभर से मिली करारी हार के बाद राहुल ने जुलाई 2019 में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. 2019 में ही राहुल वायवाड से लोकसभा चुनाव 4,31,770 रिकॉर्ड वोटों से जीते थे.
— Congress (@INCIndia) June 19, 2024

