उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की कान्हा उपवन गोशाला में सामने आई गंभीर लापरवाही के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर गोशाला में गोवंशों की दयनीय स्थिति का वीडियो वायरल होने के बाद, नगर निगम ने दो आउटसोर्सिंग फर्मों—जैन कंप्यूटर्स और शिवम इंटरप्राइजेज—के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके साथ ही पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वायरल वीडियो से खुली पोल
12 जुलाई को वायरल हुए वीडियो में गोशाला के अंदर गायों की बदहाली साफ नजर आ रही थी। इसके बाद सहायक नगर आयुक्त शरद पाल के नेतृत्व में जांच टीम ने गोशाला का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि चारा और पानी मौजूद होने के बावजूद गोवंशों को समय पर नहीं दिया जा रहा था। कर्मचारियों की भारी अनुपस्थिति भी सामने आई।
अफसरों पर गिरी गाज, कई सस्पेंड
नगर निगम ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरपाल सिंह, केयरटेकर और लिपिक विकास शर्मा को निलंबित कर दिया है। FIR भी दर्ज की गई है। सहायक नगर आयुक्त शरद पाल से गोशाला का प्रभार हटाकर अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम
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12 सीसीटीवी कैमरे गोशाला परिसर में लगाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
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फेस रिकग्निशन सिस्टम से अब कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
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जिन शेडों में फर्श नहीं थे, वहां अब निर्माण शुरू कर दिया गया है।
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गोशाला के विस्तार के लिए 15,000 वर्ग मीटर भूमि चिन्हित की गई है।
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दो शिफ्टों में 50 नए कर्मचारी और 6 होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
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ट्रॉमा सेंटर में बीमार और घायल गोवंशों के लिए तत्काल उपचार की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश सरकार का सख्त संदेश
प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि गोशालाओं की देखरेख में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोवंशों के कल्याण हेतु सभी आवश्यक सुधार लागू कर दिए हैं। इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

