प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 20वीं किस्त के राष्ट्रव्यापी वितरण के उपलक्ष्य में भाकृअनुप – केन्द्रीय मीठा जल जलीय कृषि संस्थान (ICAR-CIFA), भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय पीएम-किसान दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में ओडिशा सरकार के कृषि एवं कृषक सशक्तिकरण विभाग का सहयोग रहा और कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वाराणसी से किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि के लिए राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री किसान योजना और सुभद्रा योजना जैसी राज्य की प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए कृषक समुदाय के लाभ के लिए केंद्र और राज्य संस्थानों के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “ବର୍ଷ ଏକ ଉପଲବ୍ଧି ଅନେକ” (एक वर्ष – अनेक उपलब्धियाँ) नामक स्मारक पुस्तिका का विमोचन भी किया, जिसमें पिछले वर्ष की कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की उपलब्धियों और सफलता की कहानियों का संकलन है।
इस कार्यक्रम में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री एवं कृषि, कृषक सशक्तिकरण और ऊर्जा मंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी किसानों को संबोधित करते हुए पीएम-किसान योजना की भूमिका को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में क्रांतिकारी बताया। उन्होंने समावेशी और एकीकृत कृषि विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया।
भाकृअनुप के उप महानिदेशक (मत्स्य पालन) डॉ. जे.के. जेना ने किसानों तक नवाचारों और तकनीकों की पहुँच सुनिश्चित करने में अनुसंधान संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. अरबिंद कुमार पाधी, प्रधान सचिव, कृषि एवं कृषक सशक्तिकरण विभाग, ओडिशा सरकार ने अपने स्वागत भाषण में राज्य और केंद्र के संस्थानों के बीच समन्वय को ओडिशा के कृषि विकास में निर्णायक बताया।
कार्यक्रम में प्रो. प्रवत कुमार राउल, कुलपति, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, ओडिशा; विधायक श्री बाबू सिंह (एकाम), श्री आश्रित पटनायक (पिपिली), श्री प्रशांत कुमार जगदेव (खोरधा), साथ ही खोरधा एवं पुरी जिलों के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” पहल के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और किसानों ने पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
इस राज्य स्तरीय समारोह में 3500 से अधिक प्रगतिशील किसान, महिला कृषक और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों ने ज्ञानवर्धक सत्रों, लाइव डेमो और प्रदर्शनियों में भाग लिया, जिनमें सतत कृषि, जलीय कृषि, और एकीकृत कृषि प्रणाली से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम का समापन विधायक श्री आश्रित पटनायक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, वैज्ञानिकों, किसानों और सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

