हिमाचल प्रदेश में मानसून (IMD) ने कहर बरपाया है। बुधवार को धर्मशाला और कुल्लू में बादल फटने की पांच घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया। इन घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग लापता बताए जा रहे हैं। कुल्लू जिले के सैंज क्षेत्र में जीवानाला में बादल फटने के बाद मची तबाही से हालात बेहद चिंताजनक हैं। गुरुवार को पिन पार्वती नदी का जलस्तर कम होने के बाद राहत-बचाव कार्य तेज किया गया है।
एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और बिहाली गांव में लापता तीन लोगों की तलाश की जा रही है। इसी तरह धर्मशाला क्षेत्र में भी पांच लोग लापता हैं, जिनकी खोजबीन जारी है।
राहत के बीच फिर अलर्ट
गुरुवार को मौसम साफ होने से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 27, 28 जून और 1 व 2 जुलाई के लिए येलो अलर्ट, जबकि 29 और 30 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ की आशंका जताई गई है।
विशेष रूप से चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
कहां कितनी बारिश हुई?
बीते 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई:
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पालमपुर: 76.6 मिमी
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बंजार: 75.4 मिमी
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धर्मशाला: 40.1 मिमी
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नारकंडा: 39.0 मिमी
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चंबा: 32.0 मिमी
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ऊना: 30.6 मिमी
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रामपुर: 25.0 मिमी
प्रशासन अलर्ट मोड पर
आपदा प्रबंधन टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हैं। लोगों से नदियों और पहाड़ों के पास न जाने की अपील की गई है। स्कूलों में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

