֍:किसानों को नई जानकारी देना हमारा उद्धेश्य §ֆ:डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि किसानों एवं व्यापारियों के बीच एक कड़ी स्थापित करने का कार्य किसान मेला मे होता है, तथा किसानों के द्वारा उत्पादित की गई उच्च गुणवत्तायुक्त फसलों को उद्योगों तक पहुंचाया जा सके ताकि आम-जनमानस को इसका लाभ मिल सके. सीएसआईआर-एरोमा मिशन के अंतर्गत किसान मेला में पधारे किसानों को नई जानकारी व प्रौद्योगिकी द्वारा सक्षम बनाकर उनकी आय में वृद्धि करना ही हमारा मुख्य उद्देशय है.§֍:उत्तर प्रदेश में केवल 80 प्रतिशत मेन्था का उत्पादन §ֆ:डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि सीमैप के द्वारा विकसित की गई मेन्था की प्रजातियों को अपनाकर किसानों ने भारत को मेन्था के उत्पादन और निर्यात में शीर्ष स्तर पर पहुंचा दिया है. आज विश्व का 80 प्रतिशत मेन्था का उत्पादन भारत में किया जाता है तथा भारत का 80 प्रतिशत मेन्था का उत्पादन केवल उत्तर प्रदेश में किया जाता है. उन्होंने आगे कहा कि सीमैप के वैज्ञानिकों एवं किसानों के प्रयास से भारत ने 600 टन से भी अधिक नींबू घास तेल का निर्यात किया है.§राजधानी लखनऊ में स्थित केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (CSIR-CIMAP) में दो दिवसीय किसान मेले की शुरुआत गुरुवार से हो गई है. मेले में देश भर 20 से ज्यादा राज्यों के लगभग 5000 किसानों और उद्यमियों के हिस्सा लेने की उम्मीद जताई जा रही है. सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि सीमैप की विकसित प्रजातियों को आम जनमानस तक पहुचाने के लिए इस वर्ष दो दिवसीय किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है. इस बार यह किसान मेला सतत कृषि की थीम पर आधारित है. उन्होंने बताया कि इस किसान मेले की शुरुआत पिछले 20 वर्ष पहले की गई थी जिससे किसान लगातार जुड़ते जा रहे हैं. सीमैप ने पिछले 60 वर्षो से औषधीय एवं सगंध पौधों पर कार्य करते हुए लगभग 160 उन्नत प्रजातियों का विकास किया है जो कि खेती कि दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है तथा देश के किसानों ने इसे बढ़-चढ़ कर अपनाया भी है.

