ֆ:प्रधान न्यायाधीश ने प्रत्येक मामले की बारीकियों पर गौर करने के लिए सामान्य समझ और विवेक का इस्तेमाल करने की आवश्यकता पर बल दिया.
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, “जिन लोगों को निचली अदालतों से जमानत मिलनी चाहिए, उन्हें वहां जमानत नहीं मिल रही है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें हमेशा हाईकोर्ट का रुख करना पड़ता है.”
उन्होंने कहा, “जिन लोगों को उच्च न्यायालयों से जमानत मिलनी चाहिए, जरूरी नहीं कि उन्हें जमानत मिल जाए और इस कारण उन्हें सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ता है. यह देरी उन लोगों की समस्या को और बढ़ा देती है जो मनमाने तरीके से गिरफ्तारियों का सामना कर रहे हैं.”
§प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों में, संदेह की गुंजाइश रहने की स्थिति में निचली अदालत के न्यायाधीश जमानत देकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं.

