֍:क्या है चांदीपुरा वायरस?§ֆ:गुजरात में हड़कंप मचा देने वाले चांदीपुरा वायरस से लोग परेशान हो गए हैं. ये इतना खतरनाक वायरस है कि इससे कुछ दिनों में ही व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. यह वायरस 15 साल से कम उम्र के बच्चों में ही सबसे ज्यादा फैलता दिखा है. साल 1966 में महाराष्ट्र के नागपुर में चांदीपुरा वायरस की पहचान हुई थी. इसके बाद इस वायरस को कुछ-कुछ सालों में देखा गया था. §֍:क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?§ֆ:इस बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, दस्त, उल्टी आना, नींद न आना और बेहोशी है. इसके लक्षण दिखने के बाद कुछ ही देर में बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है. चांदीपुरा वायरस के इस लक्षण के अलावा शरीर पर धब्बे पड़ना भी इसका लक्षण है. बता दें कि इस बीमारी को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है. §֍:चांदीपुरा वायरस कैसे फैलता है?§ֆ:चांदीपुरा वायरस एक वेक्टर जनित बीमारी है जो सैंड फ्लाई से फैलती है. ये मक्खियां उन कच्चे-पक्के मकानों में रहती हैं, जो गोबर या मिट्टी से लीपे पोते होते हैं. नमी इन मक्खियों के लिए सबसे अनुकूल माहौल होता है. यहां वे पैदा हो सकते हैं. ये मक्खियां अंदे देती हैं, जो बड़े होकर सैंड फ्लाई मक्खी का रूप ले लेती हैं. बता दें कि ये मक्खियां सामान्य मक्खियों से करीब 4 गुना छोटी होती हैं, जिस वजह से इन्हें नंगी आखों से नहीं देखा जा सकता है. §֍:मानसून में पैदा होता है ये वायरस§ֆ:विशेषज्ञों का कहना है कि चांदीपुरी वायरस मक्खी, मच्छर और सैंड फ्लाई द्वारा फैलती हैं. अधिक नमी वाले इलाकों की तरफ ये मक्खियां ज्यादा आकृषित होती हैं. गंदे इलाके घरों की दीवारों में भी ये मक्खियां दिखती हैं. §ֆ: §बीते दो हफ्तों में चांदीपुरा वायरस के प्रकोप से कई लोग ग्रस्त हो रहे हैं. यह वायरस एक खास किस्म की मक्खी से फैल रहा है, जिसका नाम सैंड फ्लाई है. हाल ही में इस वायरस के कारण गुजरात के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है. वायरस के कारण अभी तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है. इस वायरस के अब तक 124 केस दर्ज किए गए हैं. बता दें कि इनमें से 54 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है और 26 मरीजों को छुट्टी दी गई है. गुजरात के अहमदाबाद, बडोदरा, राजकोट और सूरत में इस वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता दिख रहा है.