֍:समिति चुनाव से पहले बढ़ी शक्तियां§ֆ:एमसीडी में 12 वार्ड समितियों के चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले ही केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ा दी गई हैं. ऐसे में अब दिल्ली महिला आयोग, दिल्ली विद्युत नियामक आयोग जैसे किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड और आयोग के गठन का पूर्ण अधिकार उपराज्यपाल को दे दिया गया है. नोटिफिकेशन में कहा गया, ‘राष्ट्रपति ने संसद द्वारा अधिनियमित कानूनों के तहत दिल्ली के लिए किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकाय का गठन और सदस्यों की नियुक्ति करने की शक्ति उपराज्यपाल को सौंपी है.’§֍:अधिसूचना में कही गई ये बात? §ֆ:अधिसूचना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 की धारा 45डी के साथ संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के तहत जारी की गई है. अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति निर्देश देती हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल, राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए तथा अगले आदेश तक उक्त अधिनियम की धारा 45डी के खंड (क) के अधीन राष्ट्रपति की शक्तियों का प्रयोग किसी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या किसी वैधानिक निकाय के गठन के लिए करेंगे. चाहे उसे किसी भी नाम से जाना जाता हो या ऐसे प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या किसी वैधानिक निकाय में किसी सरकारी अधिकारी या पदेन सदस्य की नियुक्ति के लिए करेंगे.§दिल्ली के उपराज्यपाल को केंद्र की ओर से सौगात मिली है. अब दिल्ली के उपराज्यपाल किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकाय का गठन कर सकते हैं. इसके लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. अधिसूचना में कहा गया कि दिल्ली के एलजी अब प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकायों में सदस्यों की नियुक्ति भी कर सकते हैं.

