֍:कीमतों में गिरावट§ֆ:भारत से प्याज का काफी अच्छे स्तर पर निर्यात किया जाता है. 2023-24 में 17.17 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात हुआ और 2024-25 में 11.65 लाख मीट्रिक टन निर्यात का अनुमान है. सितंबर 2024 में, जहां प्याज का मासिक निर्यात 0.72 LMT था, वहीं जनवरी 2025 तक यह बढ़कर 1.85 LMT हो गया. यह निर्यात शुल्क हटने के बाद बढ़ सकता है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है. सरकार का उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं के हितों का संतुलन बनाना है. §֍:§ֆ:रबी सीजन की नई फसल के आने से प्याज के दाम में गिरावट आई है. हालांकि, मंडी में कीमतें पिछले साल की तुलना में अब भी ज्यादा हैं, लेकिन ऑल-इंडिया वेटेड एवरेज मॉडल में प्याज की कीमतों में 39% और रिटेल कीमतों में 10% की गिरावट देखी गई है. महाराष्ट्र मंडियों में प्याज की आवक बढ़ी है. 21 मार्च 2025 को लासलगांव में प्याज की मॉडल कीमत 1330 रुपये प्रति क्विंटल और पिंपलगांव में 1325 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई.§֍:इस साल 227 LMT का अनुमान§ֆ:देश में साल 2024-25 के सीजन में रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है. कृषि और किसान कल्याण विभाग के मुताबिक, इस साल रबी प्याज का उत्पादन 227 लाख मीट्रिक टन (LMT) होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 192 लाख मीट्रिक टन से 18% अधिक है. यह उत्पादन भारत की कुल प्याज आपूर्ति का 70-75% हिस्सा है. इस उत्पादन के साथ, अक्टूबर-नवंबर में खरीफ फसल आने तक बाजार में स्थिरता बनी रहेगी.§भारत सरकार की ओर से प्याज पर लगाए जा रहे 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क को समाप्त करने का ऐलान किया गया है. यह शुल्क 1 अप्रैल से समाप्त किया जाएगा. वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है. इस निर्यात शुल्क का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करना था.

