֍:केंद्र सरकार का सख्त एक्शन §ֆ:केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 12 अगस्त को जारी किए गजट अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने शीर्ष फार्मा कंपनियों द्वारा निर्मित दर्द से राहत दिलाने वाली दवाओं के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रसिद्ध दवा ‘एसिक्लोफेनाक 50 मिलीग्राम + पैरासिटामोल 125 मिलीग्राम टैबलेट’ पर प्रतिबंध लगा दिया है.
§֍:इन दवाओं पर भी लगा प्रतिबंध§ֆ:इस लिस्ट में मेफेनैमिक एसिड + पैरासिटामोल इंजेक्शन, सेटीरिज़िन एचसीएल + पैरासिटामोल + फिनाइलफ्राइन एचसीएल, लेवोसेटिरिज़िन + फेनिलफ्राइन एचसीएल + पैरासिटामोल, पैरासिटामोल + क्लोरफेनिरामाइन मैलेट + फिनाइल प्रोपेनॉलमाइन और कैमिलोफिन डाइहाइड्रोक्लोराइड 25 मिलीग्राम + पैरासिटामोल 300 मिलीग्राम भी शामिल हैं.
केंद्र ने पैरासिटामोल, ट्रामाडोल, टॉरिन और कैफीन के कॉम्बिनेशन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. ट्रामाडोल एक ओपिओइड-आधारित पेन किलर दवा है.
§֍:’मौजूद हैं सुरक्षित विकल्प’§ֆ:केंद्र द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, “केंद्र सरकार इस बात से संतुष्ट है कि फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवा के इस्तेमाल से इंसानों को खतरा हो सकता है, जबकि उक्त दवा के सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं.”
इसमें कहा गया है कि इस मामले की जांच केंद्र द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई थी जिसने इन एफडीसी को “तर्कहीन” माना था.
§केंद्र सरकार ने बुखार, सर्द, एलर्जी और दर्द के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 156 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार ने इन दवाओं पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि ये दवाएं इंसान के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं. एफडीसी दवाएं दो या दो से ज्यादा दवाओं को निश्चित फार्मास्युटिकल अनुपात में मिलाकर तैयार किया जाता है. इन्हें कॉकटेल दवाएं भी कहा जाता है.

