कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 11 जुलाई 2025 तक खरीफ फसलों के तहत बुआई क्षेत्र की प्रगति रिपोर्ट जारी की है। इस वर्ष अब तक कुल 597.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.27 लाख हेक्टेयर अधिक है। यह वृद्धि देश में मानसून की अच्छी स्थिति और किसानों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
प्रमुख फसलवार बुआई स्थिति
1. धान (चावल)
- सामान्य क्षेत्र: 09 लाख हेक्टेयर
- अब तक बुआई: 68 लाख हेक्टेयर
- पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि: 84 लाख हेक्टेयर
2. दालें (पल्सेस)
- कुल बुआई: 09 लाख हेक्टेयर (13.69 लाख हेक्टेयर की वृद्धि)
- मूंग दाल में सर्वाधिक बढ़ोतरी (96 लाख हेक्टेयर)
- हालांकि अरहर और उड़द में थोड़ी गिरावट देखी गई
3. श्री अन्न / मोटे अनाज
- कुल क्षेत्र: 30 लाख हेक्टेयर (16.51 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी)
- बाजरा में सर्वाधिक वृद्धि (41 लाख हेक्टेयर)
- मक्का में भी 15 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी
4. तिलहन फसलें
- कुल बुआई: 27 लाख हेक्टेयर
- सोयाबीन में 75 लाख हेक्टेयर की कमी
- जबकि मूंगफली और तिल (सेसमम) की बुआई में वृद्धि
5. गन्ना
- कुल बुआई: 16 लाख हेक्टेयर (0.29 लाख हेक्टेयर की वृद्धि)
6. जूट और मेस्ता
- कुल बुआई: 53 लाख हेक्टेयर (0.12 लाख हेक्टेयर की गिरावट)
7. कपास
- कुल बुआई: 83 लाख हेक्टेयर
- पिछले वर्ष की तुलना में 39 लाख हेक्टेयर की कमी
कुल मिलाकर स्थिति
इस वर्ष खरीफ सीजन में बुआई का कुल क्षेत्र 1096.65 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 597.86 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में यह आंकड़ा 37.27 लाख हेक्टेयर अधिक है, जो देश की कृषि गतिविधियों में सकारात्मक रुझान को दर्शाता है।
सरकार का मानना है कि अगर मानसून इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो आने वाले हफ्तों में खरीफ फसलों की बुआई में और भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इससे खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

