राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। इस दौरान राज्य के ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर गहन चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भगीरथ चौधरी, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, ग्रामीण विकास सचिव शैलेश सिंह, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत राजस्थान को चालू वित्त वर्ष के लिए ₹4,384 करोड़ की राशि जारी की है। इसमें ₹3,286 करोड़ मजदूरी के लिए, ₹944 करोड़ सामग्री के लिए और ₹154 करोड़ प्रशासनिक व्यय के लिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में तेजी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति पर भी चर्चा हुई। श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना का राजस्थान में प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सर्वेक्षणों की पुष्टि होते ही अतिरिक्त मकानों के निर्माण की मंजूरी तुरंत दी जाएगी। राजस्थान में कुल 7.46 लाख मकान बनवाने का लक्ष्य है, जिनमें पीएम-जनमन योजना के मकान भी शामिल हैं।
कृषि क्षेत्र में उठाए जाएंगे नए कदम
कृषि क्षेत्र को लेकर हुई बातचीत में ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ योजना, वर्षा जल संचयन के लिए तालाब जैसे टैंकों का निर्माण, और खेतों की तारबंदी जैसे विषय प्रमुख रहे। जयपुर के बस्सी क्षेत्र में हुए कृषि नवाचारों की भी सराहना की गई। मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग रखी, जिसे लेकर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया।
राजस्थान की कृषि उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
राज्य के मूंगफली की बेहतरीन किस्मों को अधिसूचित करने, अरंडी तेल को प्रोत्साहन देने और अंतर्राज्यीय व्यापार को सशक्त करने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि इस वर्ष राजस्थान में मानसून की स्थिति बेहतर है और इससे आगामी फसल वर्ष 2025 में बंपर उत्पादन की उम्मीद है।
कुल मिलाकर यह बैठक राजस्थान में कृषि एवं ग्रामीण विकास के नए युग की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जिसमें केंद्र सरकार का सक्रिय सहयोग राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।

