सिट्रस विज्ञान और बागवानी अनुसंधान को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, भाकृअनुप – केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान (ICAR-CCRI), नागपुर और लक्ष्मीनारायण नवाचार प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (LITU), नागपुर के बीच एक महत्त्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग भाकृअनुप-सीसीआरआई के 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ, जिसमें देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, छात्रों और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।
इस समझौता ज्ञापन पर भाकृअनुप-सीसीआरआई के निदेशक डॉ. दिलीप घोष और एलआईटीयू के कुलपति डॉ. अतुल नारायण वैद्य की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी नवाचार आधारित अनुसंधान, कौशल विकास, और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक रणनीतिक पहल मानी जा रही है।
अपने संबोधन में डॉ. घोष ने कहा कि यह सहयोग न केवल सिट्रस अनुसंधान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण देगा, बल्कि उद्योग साझेदारी और कृषि नवाचार के माध्यम से किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं और निर्यातकों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस गठबंधन से एक ऐसा प्रतिभाशाली शोधकर्ताओं का समूह तैयार होगा, जो सिट्रस विज्ञान में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होगा।
वहीं, डॉ. वैद्य ने इस समझौते को शैक्षणिक कठोरता और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के बीच सेतु बताया। उन्होंने भारत के बागवानी क्षेत्र में सीसीआरआई के योगदान की सराहना की और कहा कि यह सहयोग छात्रों को नींबू वर्गीय फलों की खेती, प्रसंस्करण, और मूल्य श्रृंखला विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नये अवसर प्रदान करेगा।
यह साझेदारी एक संयुक्त डॉक्टरेट डिग्री कार्यक्रम की शुरुआत के साथ-साथ कटाई पश्चात प्रबंधन, सिट्रस प्रसंस्करण, मूल्यवर्धित उत्पाद विकास, जैव-पूर्वेक्षण, और जलवायु-अनुकूल बागवानी जैसे क्षेत्रों में गहन अनुसंधान को बढ़ावा देगी। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और कृषि उद्यमियों को प्रशिक्षित कर एक स्थायी और नवाचार-सक्षम सिट्रस पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
इस समझौते के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, डॉक्टरेट विद्वानों के सह-मार्गदर्शन, प्रयोगशालाओं और अवसंरचना का साझाकरण, तथा संकाय और छात्र विनिमय कार्यक्रम जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी, जो समग्र और अंतःविषयक शिक्षण वातावरण को सुदृढ़ करेंगी।
यह समझौता न केवल भाकृअनुप-सीसीआरआई की चार दशकों की शोध-सेवा को सम्मानित करता है, बल्कि भारत में सिट्रस विज्ञान के क्षेत्र में एकीकृत, नवाचार-केंद्रित और परिणामोन्मुख अनुसंधान युग की नींव भी रखता है। यह गठबंधन नागपुर से शुरू होकर देशभर में शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग का आदर्श मॉडल बनेगा।

